फल वाले, मेडिकल वाले और पंचर वाले के खाते में चालान का पैसा, जयपुर में कांस्टेबल समेत 3 गिरफ्तार 

Jaipur Police News: पूछताछ में खुलासा हुआ की जो चालान बनता है जिसके पैसे सरकारी खाते में जमा होना चाहिए. उसको अपने व्यक्तिगत खाते में जमा करवा रहे थे. इसके साथ ही अमरुद बेचने वाला और मेडिकल स्टोर संचालक का नाम भी सामने आ रहा है. 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Jaipur Traffic Police Corruption: जयपुर ट्रैफ़िक पुलिस के जवानों ने उगाही का नया खेल शुरू किया है. यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान बनाने की बजाए स्कैनर के ज़रिए अपने व्यक्तिगत खातों में पेमेंट लिया जा रहा है. बजाज नगर पुलिस ने इस संगठित गिरोह से जुड़े होम गार्ड और यातयात कांस्टेबल और पंचर बनाने वाले को गिरफ़्तार किया है. अगर आप कभी गलती से यातायात नियम तोड़ देते हैं और पुलिस कर्मी आपसे स्नैकर के ज़रिये पेमेंट माँगे तो सावधान हो जाइए। क्योंकि, ये पेमेंट उसके व्यक्तिगत खाते में जा रहा है. जयपुर की बजाज नगर थाना पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित गिरोह का ख़ुलासा किया है जिसमें होमगार्ड जवान ट्रैफ़िक पुलिस कांस्टेबल और एक पंचर बनाने वाले को अरेस्ट किया है.

होमगार्ड, कॉन्स्टेबल और पंचर वाला गिरफ्तार 

पुलिस ने होमगार्ड के जवान वकार अहमद और ट्रैफ़िक कॉन्स्टेबल भवानी सिंह और पंचर बनाने वाले मुश्ताक को गिरफ़्तार किया है. गोपालपुरा इलाक़े में दोनों की ड्यूटी है और यहीं पर पास में पंचर वाले की दुकान है. एक परिवादी ने हेलमेट नहीं लगाया था होमगार्ड के जवान ने उसे रुकवाया और कहा कि आपका चालान होगा। लेकिन पेमेंट  स्कैनर पर पंचर वाले को करना होगा। परिवादी को श़क हुआ तो उसने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी. 

ड्यूटी खत्म होने के बाद करते थे हिसाब 

पुलिस कंट्रोल रूम की सूचना के बाद बजाज नगर थाना पुलिस मौक़े पर पहुंची और मौक़े से पंचर बनने मुश्ताक़ को पकड़ा और स्कैनर मशीन ज़ब्त की. वहीं पूछताछ के बाद होमगार्ड के जवान ट्रैफ़िक कांस्टेबल को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस पूछताछ में ख़ुलासा हुआ कि ये तीनों कई महीनों से इसी तरह से वसूली कर रहे हैं और राजस्व को नुक़सान पहुँचा रहे हैं.  तीनों पैसों का बटवारा ड्यूटी समाप्त होने के बाद रोज़ाना करते थे.

महकमें अभी भी ऐसी कई भ्रष्टाचारी जमे हैं

पूछताछ में खुलासा हुआ की जो चालान बनता है जिसके पैसे सरकारी खाते में जमा होना चाहिए. उसको अपने व्यक्तिगत खाते में जमा करवा रहे थे. इसके साथ ही अमरुद बेचने वाला और मेडिकल स्टोर संचालक का नाम भी सामने आ रहा है. 

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पुलिस ने कांस्टेबल होमगार्ड को तो पकड़  लिया लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पुलिस महकमें अभी भी ऐसी कई भ्रष्टाचारी जमे हैं जो पुलिस का नाम ख़राब कर रहे हैं बहरहाल किसके इशारों पर ये अवैध वसूली का काम चल रहा था और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं. 

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