1 साल, 6 महीने और 16 दिन बाद साइकिल चलाकर केरल से राजस्थान पहुंचा युवक, तारीफ में कह दी ये बात

Kerala To Kashmir Cycle Yatra: अगर सड़क के रास्ते केरल से राजस्थान आएं तो करीब 2300 KM लंबा सफर करना पड़ेगा. लेकिन जोपन 10 राज्यों में घूमते हुए राजस्थान पहुंचे हैं, इसीलिए वे करीब 23 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
केरल से कश्मीर की यात्रा पर निकले जोपन भाई 23,000 KM का सफर तय कर राजस्थान के पिपलांत्री पहुंचे. जानिए क्यों उन्होंने रेगिस्तान के इस गांव की तुलना केरल से की.
NDTV Reporter

Rajasthan News: जुनून जब सिर चढ़कर बोलता है, तो दूरियां महज आंकड़े बनकर रह जाती हैं. केरल का एक युवा 'जोपन' कुछ ऐसे ही बड़े लक्ष्य के साथ साइकिल पर सवार होकर देश नापने निकला है. 11 अक्टूबर 2024 को केरल के कोटीयम्ब अपर कुटनाड से शुरू हुई यह यात्रा देशभर के कई राज्यों से होते हुए अब राजस्थान के राजसमंद जिले तक पहुंच चुकी है.

केरल जैसा लगा राजस्थान का 'पिपलांत्री'

साइकिल यात्री जोपन जब मंगलवार को राजसमंद के विख्यात आदर्श ग्राम पिपलांत्री पहुंचे, तो वहां की व्यवस्थाएं देख दंग रह गए. 'बेटी, पानी, पेड़, जंगल और जमीन' के संरक्षण के लिए दुनिया भर में मशहूर इस गांव की हरियाली की तुलना उन्होंने अपने गृह राज्य केरल से कर दी. उन्होने कहा, 'केरल में पानी की प्रचुरता के कारण हरियाली है, लेकिन राजस्थान के इन पहाड़ों पर ऐसी हरियाली देखना किसी चमत्कार से कम नहीं है. यहां का माहौल मुझे घर जैसा महसूस करा रहा है.'

Advertisement

समुद्र तल से कश्मीर की चोटियों तक सफर

बताते चलें कि जोपन ने अपनी यात्रा केरल के उस हिस्से से शुरू की जो समुद्र तल से भी नीचे है और उनका लक्ष्य कश्मीर की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंचना है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे को एक नए नजरिए से देखते हुए, जोपन किसान के खेतों से लेकर सेना के जवान की चुनौतियों को समझना चाहते हैं. इसीलिए वो अपनी साइकिल पर पानी, कपड़े, मोबाइल स्टैंड और पंचर किट के साथ-साथ एक पालतू कुत्ते को लेकर सफर पर हैं.

23 हजार किलोमीटर का सफर, जनसहयोग से गुजारा

जोपन अब तक केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, दमन और दीव जैसे राज्यों को पार कर चुके हैं. अब तक उन्होंने करीब 23000 किलोमीटर साइकिल चलाई है. वे रोजाना 45 KM साइकिल चलाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, उनकी यह भारत यात्रा पूरी होने में करीब 5 साल लगेंगे. इस दौरान यात्रा का पूरा खर्च जनसहयोग के माध्यम से पूरा किया जा रहा है.

अगला पड़ाव: कश्मीर की ओर

करीब डेढ़ साल से ज्यादा का समय सड़क पर बिताने के बाद, जोपन अब राजस्थान से विदा लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली होते हुए कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं. उनकी इस हिम्मत और जज्बे को देख हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है.

ये भी पढ़ें:- राजस्थान के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां कब पड़ेंगी? 45 के बजाए इस बार सिर्फ 35 दिन ही कर पाएंगे एंजॉय

Advertisement