ACB Action: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार (15 अप्रैल) को फिर से बड़ी कार्रवाई की है. भ्रष्टाचार पर नकेल कसने को लेकर लगातार छापेमारी के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के रिश्वत का खेल जारी है. एसीबी ने अब झालावाड़ में एक महिला ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को रिश्वत मामले में ट्रैप किया है. झालावाड़ की मऊ बोरदा ग्राम पंचायत की ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी सामूहिक विवाह के प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत मांग रही थी.
झालावाड़ जिले में एसीबी ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत मऊ बोरदा, पंचायत समिति खानपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा को 10 हजार 400 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
500 रुपये प्रति सर्टिफिकेट 400 में डील फिक्स
बताया जा रहा है कि एक सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के बाद नवविवाहित जोड़ों के विवाह प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया चल रही थी. 26-27 जोड़ो का एक सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था. रजनी मीणा ने प्रति विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 500 रुपये मांग की थी. सभी जोडो के लगभग 13,500 रूपये देने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किये जायेंगें. रजनी मीणा द्वारा बोला गया कि संस्था सामूहिक विवाह सम्मेलन से स्वयं लाभ लेती है व सरकारी अनुदान से भी फायदा उठाती है इसलिए आपको प्रति जोडा 500 रुपये देना ही होगा.
हालांकि बाद में 400 रुपये प्रति प्रमाण पत्र तय हुई थी. परिवादी ने 10 अप्रैल को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन किया और रिश्वत मांग की पुष्टि होने पर ट्रैप प्लान किया.
रिश्वत की शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने आरोप का सत्यापन कराया था. वहीं बुधवार को ट्रैप कार्रवाई में आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. बुधवार को जैसे ही आरोपी अधिकारी ने परिवादी से रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने मौके पर ही दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके ठिकानों पर तलाशी भी ली जा रही है. माना जा रहा है कि इस मामले एसीबी और भी बड़े खुलासे कर सकती है.
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