ACB Action: कांस्टेबल ने की थी 30000 रुपये रिश्वत की डील, 20000 रुपये घूस लेते हुआ ट्रैप... SI फरार

जोधपुर कमिश्नरेट में पदस्थापित कांस्टेबल  भविष्य कुमार को 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. वहीं प्रकरण में शामिल उप निरीक्षक (SI)  प्रेमनाथ एसीबी कार्रवाई की भनक लग गई जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

ACB Action: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने जोधपुर में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस थाना राजीव गांधी नगर, जोधपुर कमिश्नरेट में पदस्थापित कांस्टेबल  भविष्य कुमार को 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. वहीं प्रकरण में शामिल उप निरीक्षक (SI)  प्रेमनाथ एसीबी कार्रवाई की भनक लग गई जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया. अब एसीबी उसकी तलाश में जुटी है. वहीं कांस्टेबल भविष्य कुमार से गहन पूछताछ की जा रही है.

मकान मालिक से विवाद का मामला

एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी (विशेष इकाई) जोधपुर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी. शिकायत के अनुसार परिवादी ग्राम चौखा में एक कब्जा-शुदा किराये के मकान में रहता है. उक्त मकान को लेकर मकान मालिक भभूताराम एवं सागर गहलोत के बीच विवाद चल रहा है. इसी विवाद के चलते सागर गहलोत द्वारा भभूताराम एवं परिवादी के पुत्र के विरुद्ध पुलिस थाना राजीव गांधी नगर में एफआईआर संख्या दर्ज करवाई गई.

30000 रुपये रिश्वत की मांग

शिकायत में आरोप है कि उप निरीक्षक  प्रेमनाथ एवं कांस्टेबल  भविष्य कुमार द्वारा परिवादी को पुलिस थाना बुलाकर सागर गहलोत को धमकाने का आरोप लगाते हुए मुकदमे में परिवादी का नाम भी जोड़कर उसे फंसाने एवं गिरफ्तार करने की धमकी दी गई. साथ ही मुकदमे से नाम हटाने के एवज में 30,000 रुपये रिश्वत की मांग कर परेशान किया जा रहा था.

कांस्टेबल गिरफ्तारी के बाद SI फरार

शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की. इस दौरान कांस्टेबल  भविष्य कुमार को पुलिस थाना राजीव गांधी नगर के सामने परिवादी की गाड़ी में बैठकर 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. दूसरी ओर कार्रवाई की भनक उप निरीक्षक प्रेमनाथ एसीबी कार्रवाई की भनक लगने से मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है.

Advertisement

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपियों से पूछताछ एवं अन्य विधिक कार्रवाई जारी है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा.

यह भी पढ़ेंः भरतपुर में दो महीने पहले करोड़ों की लागत से बनी सड़क का हाल बेहाल, ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसी... गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

Advertisement