अजमेर में VDO पर ACB का एक्शन, 7000 की डील के बाद... 5500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

अजमेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वीडिओ को रंगे हाथ 5500 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. उसने 7000 रुपये में डील की थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

ACB Action Ajmer: अजमेर जिले की पंचायत व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो  ने एक बार फिर करारा प्रहार किया है. ग्राम पंचायत भिलावट, पंचायत समिति किशनगढ़,सिलोरा में पदस्थ ग्राम विकास अधिकारी मूल सिंह को 5500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. आरोपी ने परिवादी की पत्नी के नाम पुश्तैनी पट्टा बनाने की एवज में पहले 7000 रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 5500 रुपये पर तय किया गया. एसीबी अजमेर इकाई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया. 

ऊंची सैलरी के बावजूद रिश्वत क्यों?

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि जब सरकारी कर्मचारियों को नियमित वेतन, भत्ते और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, तब भी रिश्वतखोरी क्यों? पट्टा जैसे बुनियादी अधिकार के लिए आम नागरिक को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल है. एसीबी की इस कार्रवाई से न केवल आरोपी अधिकारी की पोल खुली, बल्कि उन कर्मचारियों को भी चेतावनी मिली है जो पद का दुरुपयोग कर जनता को परेशान करते हैं. एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आने वाले समय में ऐसी कार्रवाइयों में और तेजी लाई जाएगी.

आम जनता कैसे करें शिकायत?

अगर किसी भी सरकारी कार्यालय में रिश्वत मांगी जाए, तो आम नागरिक सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत कर सकता है. शिकायत लिखित रूप में, टोल-फ्री हेल्पलाइन, ई-मेल या नजदीकी ACB कार्यालय में दी जा सकती है. शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की जाती है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 3 से 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. ए सी बी का स्पष्ट संदेश है कि रिश्वत न दें, शिकायत करें. आपकी एक शिकायत न सिर्फ आपको न्याय दिला सकती है, बल्कि पूरे सिस्टम को साफ करने में मददगार बन सकती है.

यह भी पढ़ेंः Rajasthan: जोधपुर में प्रशासन का एक्शन, 11 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रहे स्कूल और मदरसे को किया सील

Advertisement
Topics mentioned in this article