ACB Raid: GST के ज्वाइंट डायरेक्टर के पास अकूत संपत्ति, एसीबी की 3 दिनों की जांच में मिली करीब 50 लाख की नगदी और सोना

उदयपुर में जीएसटी के ज्वाइंट डायरेक्टर को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अब जांच में उनके घर से अकूत संपत्ति बरामद हुई है.

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रविंद्र जैन के घर और लॉकर की जांच

ACB Raid: राजस्थान के उदयपुर में जीएसटी के ज्वाइंट डायरेक्टर रविंद्र जैन को हाल ही में 8 लाख रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया था. वहीं इसके बाद ACB लगातार रविंद्र जैन के कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. रविंद्र जैन के डूंगरपुर स्थित आवास की तलाशी तीन दिनों से जारी है. बताया जा रहा है रविंद्र जैन के घर से काफी कैश बरामद किया गया है. इसके अलावा एसीबी की टीम ने जैन के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सीज बैंक लॉकर को खंगाला तो उससे सोना निकला है.

बता दें उदयपुर में जीएसटी के ज्वाइंट डायरेक्टर को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था.  एसीबी ने आरोपी जैन को परिवादी से उसके रिसोर्ट का जीएसटी टीम के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं करने और आईटीसी क्लेम का फायदा देने के एवज में परिवादी से आठ लाख रुपए की रिश्वत ली थी जिसमे 1 लाख नगद व 7 लाख की डमी करेंसी लेते एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था.

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रविंद्र जैन के पास मिली अकूत संपत्ति

एसीबी  के एएसपी राजीव जोशी ने बताया कि डूंगरपुर निवासी आरोपी रविन्द्र जैन के आवास की तलाशी के तीन दिन से जारी है. गुरुवार को एसीबी की टीम ने उसके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सीज बैंक के लॉकर को खोला और उसकी तलाशी पर करीब 42 तोला सोना मिला. उसकी वेल्यूवर से लॉकर से निकले सोने की कीमत निकलवाई गई. वेलुयर ने उसकी कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई है. इसके अलावा लॉकर में से तीन लाख
एक हजार रुपए नकद मिले. पहले एसीबी को आरोपी रविन्द्र जैन  के सेक्टर-4 स्थित आवास पर 11.66 लाख, रुपए नकद, कुछ सोने के जेवर, एक फ्लैट तथा भूखंड के दस्तावेज मिले थे. 

आईटीसी क्लेम का फायदा करवाने की एवज में ली थी रिश्वत

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. इस बीच मंगलवार (10 सितंबर) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर में वाणिज्य कर विभाग के एक अधिकारी 8 लाख रिश्वत लेते ट्रैप किया. एसीबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एसीबी की उदयपुर (इन्टेलिजेंस) इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसके रिसोर्ट का जीएसटी टीम द्वारा किए गए सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं करने और आईटीसी क्लेम का फायदा करवाने की एवज में आरोपी रविन्द्र जैन संयुक्त आयुक्त, वाणिज्य कर विभाग द्वारा रिश्वत मांगी गई थी.

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