राजस्थान के बहुचर्चित एकल पट्टा मामले की जांच करेगी ACB, कोर्ट ने दी अग्रिम जांच की अनुमति

एकल पट्टा मामला साल 2011 में जयपुर विकास प्राधिकरण से जुड़ा है. जिसमें गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को एकल पट्टा देने का मामला सामने आया था, जिसमें राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ था.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फाइल फोटो

Rajasthan News: राजस्थान के बहुचर्चित एकल पट्टा मामले में अब एसीबी जांच कर पाएगी. एसीबी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए ट्रायल एसीबी कोर्ट ने अग्रिम जांच को मंजूरी दी है. एकल पट्टा मामला साल 2011 में जयपुर विकास प्राधिकरण से जुड़ा है. जिसमें गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को एकल पट्टा देने का मामला सामने आया था, जिसमें राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ था. साल 2013 में इस मामले में ACB में ही शिकायत दर्ज कराई गई थी.

एसीबी ने इस मामले में साल 2014 में FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी. हालांकि, गहलोत सरकार के कार्यकाल में एसीबी ने इस मामले में तीनों सरकारी अधिकारियों और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल को क्लीन चिट देकर केस बंद कर दिया था.

भजनलाल सरकार में फिर जांच का फैसला

राजस्थान में भजनलाल सरकार बनने के बाद एकल पट्टा मामले की फिर जांच शुरू करने का फैसला लिया गया. वहीं उच्च स्तर पर मामले की विस्तृत जांच का निर्णय लिया गया. इसके बाद ही एसीबी ने ट्रायल कोर्ट से अग्रिम जांच की अनुमति मांगी थी. वहीं अब कोर्ट ने आदेश में कहा कि एसीबी को मामले में अग्रिम जांच करने की छूट दी जाती है.

बता दे, गहलोत सरकार के समय 19 जनवरी 2021 को एसीबी ने अभियोजन वापसी का आवेदन किया था. जबकि भजनलाल सरकार ने करीब पांच साल बाद उस आवेदन को वापस लेने का प्रार्थना पत्र दायर किया. लेकिन एसीबी कोर्ट ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि वर्ष 2021 में ही यह आवेदन निस्तारित हो चुका है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे में अभियोजन वापसी से जुड़ा नया प्रार्थना पत्र स्टैंड नहीं करता है.

Advertisement

अब एसीबी की जांच शुरू होगी तो माना जा रहा है कि शांति धारिवाल की मुश्किलें फिर से बढ़ने वाली है.

यह भी पढ़ेंः राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में बड़ा बदलाव, मतदान प्रक्रिया को लेकर नई गाईडलाइन