दुष्कर्म और हत्या की शिकार मासूम बच्ची को एक साल में मिला न्याय, आखिरी सांस तक जेल में रहेगा आरोपी अंकल

आरोपी के गांव की किसी अन्य महिला के साथ सम्बन्ध थे. घटना के दिन जब वह महिला से नहीं मिल पाया तो उसने हवस की आग में अंधा होकर इस मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया. इस घटना के बाद लालगढ़ में चार दिनों तक बच्ची के शव के साथ धरना प्रदर्शन चला था.

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 9 साल की मासूम बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने घर से बुलाकर दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में पोक्सो न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है. न्यायालय ने कारावास के साथ साथ आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है.

विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरण सिंह रुपाणा ने बताया कि मामले के अनुसार लालगढ़ थाना क्षेत्र में पिछले साल एक नौ साल की बच्ची शाम को अपने घर के आस-पास से गायब हो गई थी. रात भर परिजन बच्ची को तलाश करते रहे और सुबह शमशान भूमि में यह बच्ची लहूलुहान हालत में मृत अवस्था में पाई गई.

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बच्ची के पिता के परिवाद पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मृतक बच्ची के घर के नंबर पर आरोपी व्यक्ति ने शाम को फोन किया और जब बच्ची ने बताया कि घर पर कोई नहीं है तो आरोपी व्यक्ति ने बच्ची को चीज दिलवाने के बहाने घर से बाहर बुलाया और उसे अपनी बाइक पर बैठकर पास की दुकान पर ले गया. 

दुकान पर पहुंचकर बच्ची ने चॉकलेट और कुरकुरे मांगे, लेकिन चॉकलेट नहीं मिली तो वह उसे दूसरी दुकान पर ले गया. बच्ची को चॉकलेट दिलाकर वह उसे अपने खेत पर ले गया और उससे दुष्कर्म किया. जब बच्ची रोने लगी तो आरोपी उसे घर ले जाने लगा, लेकिन बच्ची ने कहा कि वह इस घटना के बारे में सबको बताएगी तो आरोपी व्यक्ति घबरा गया और उसने बच्ची का गला दबा दिया और उसके सिर में ईंट मार कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद वह बच्ची के शव को शमशान भूमि में फेंक आया. आरोपी ने सोचा कि शमशान भूमि में कुत्ते उसे नोच खाएंगे.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी के गांव की किसी अन्य महिला के साथ सम्बन्ध थे. घटना के दिन जब वह महिला से नहीं मिल पाया तो उसने हवस की आग में अंधा होकर इस मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया. इस घटना के बाद लालगढ़ में चार दिनों तक बच्ची के शव के साथ धरना प्रदर्शन चला था.

इस दौरान लालगढ़ के एसएचओ सहित आठ पुलिकर्मियों को लाइन हाजिर भी किया गया था. विशिष्ट लोग अभियोजक गुरचरण सिंह रुपाणा ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में चालान पेश किया जिसमें न्यायालय ने प्रकरण का निस्तारण करते हुए आरोपी को विभिन्न धाराओं में जीवन पर्यंत कारावास और एक लाख पांच हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई.

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