राजस्थान में दवाओं और मेहंदी के घटिया ब्रांड पर कार्रवाई, बाजार से हटाए जाएंगे... देखें लिस्ट

दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई नामी कंपनियों की दवाओं और मेहंदी को मानक के अनुरूप न पाये जाने पर घटिया क्वालिटी पाई गई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
दवा और महेंदी प्रोडक्ट पर कार्रवाई

Rajasthan News: राजस्थान सरकार के औषधि नियंत्रण संगठन ने राज्यभर में बिक रही दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई नामी कंपनियों की दवाओं और मेहंदी को मानक के अनुरूप न पाये जाने पर घटिया क्वालिटी पाई गई है. यह सूची 4 फरवरी 2026 को जारी की गई है और इसमें 16 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 के बीच जांचे गए नमूने की रिपोर्ट जारी की गई है. औषधि नियंत्रण विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिन बैचों के नमूने फेल पाए गए हैं, उनका स्टॉक तुरंत बाजार से हटाया जाए, ताकि मरीजों की सेहत पर कोई खतरा न रहे. विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित कंपनियों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और कॉस्मेटिक नियम 2020 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

इन दवाओं के मानक सही नहीं

जिन दवाओं के मानक सही नहीं पाए गए हैं, उनमें एसिडिटी और गैस की समस्या में दी जाने वाली Rabeprazole और Domperidone कैप्सूल, इंफेक्शन में इस्तेमाल होने वाली Doxycycline टैबलेट, नसों और दर्द से जुड़ी दवा Pregabalin & Nortriptyline, बच्चों में दी जाने वाली Amoxycillin Dispersible Tablets, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और खांसी की दवा Levosalbutamol, Ambroxol व Guaiphenesin वाली सिरप शामिल हैं. इन दवाओं के नमूने मुख्य रूप से मानकों अनुरूप नहीं पाए गए हैं.

मेहंदी प्रोडक्ट भी फेल

सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि बाजार में बिक रही मेहंदी कोन और हिना के उत्पाद भी जांच के दायरे में आए हैं. विभाग की रिपोर्ट के अनुसार Pushp Henna, Nazia Gold Mehandi Cone और Shringar Mehandi Cone के नमूने सही नहीं पाए गए. खास तौर पर Lawsone कंटेंट (हीना का मुख्य रंग देने वाला तत्व) कई नमूनों में Nil पाया गया, जबकि पैकिंग पर अलग दावे किए गए थे. कुछ नमूनों में pH स्तर भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला.

जयपुर से जारी इस बुलेटिन की प्रतियां न केवल राजस्थान के सभी जिला स्तर के स्वास्थ्य और दवा अधिकारियों को भेजी गई हैं, बल्कि दिल्ली स्थित ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया सहित देश के कई राज्यों के दवा नियंत्रकों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई हैं. मिशन निदेशक, एनएचएम, मेडिकल कॉलेजों, बड़े अस्पतालों, फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन और केमिस्ट संगठनों को भी सतर्क रहने और आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों में रखी दवाओं और मेहंदी उत्पादों के पैक पर लिखे नाम, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट ध्यान से जांचें.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः अजमेर: मूंगफली पर रंग चढ़ाकर दिया जा रहा काजू-बादाम का रूप, सोहन हलवा फैक्ट्री को देखकर टीम के उड़े होश