डूंगरपुर जिले के टामटिया गांव में मानवता और पक्षी प्रेम की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है. गांव के उमाकांत पंड्या ने नायब तहसीलदार के पद से रिटायर होने के बाद पक्षियों के लिए एक भव्य और बहुमंजिला 'पक्षी घर' का निर्माण करवाया है, जिसका आज विधिवत लोकार्पण किया गया है. इस पक्षी घर में पक्षियों के लिए 340 घोंसले बनाए गए हैं. साथ ही पक्षियों के लिए दाना-पानी की भी व्यवस्था की गई है.
पक्षी घर बनाने का संकल्प लिया था
टामटिया गांव के रहने वाले उमाकांत पंड्या ने बताया कि वे आसपुर तहसील में नायब तहसीलदार पद पर कार्यरत हैं. अब वे रिटायर हो गए हैं. पंड्या ने बताया कि उनकी हमेशा से इच्छा थी कि वे अपने गांव के लिए कुछ ऐसा करें, जो मूक प्राणियों के काम आ सके. इसी भावना के साथ उन्होंने एक पक्षी घर के निर्माण का संकल्प लिया था.
रिटायर्ड नायब तहसीलदार उमाकांत.
पक्षी घर में 340 घोंसले बनाए गए हैं
पक्षी घर में 340 घोंसले बनाए गए हैं, जहां सैकड़ों पक्षी एक साथ सुरक्षित बसेरा कर सकेंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण में लगभग 6.40 लाख रुपये का खर्च आया है. चैत्र शुक्ल एकादशी पर इस पक्षी घर को विधिवत रूप से गांव को सुपुर्द कर दिया गया. पंड्या ने विश्वास व्यक्त किया कि गांव के लोग मिलकर पक्षियों के दाने-पानी की समुचित व्यवस्था बनाए रखेंगे.
उमाकांत की सराहना की
लोकार्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने उमाकांत के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी और कंक्रीट के जंगलों के बीच पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना ढूंढना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में यह पक्षी घर बेजुबान परिंदों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. गांव वालों ने इस नेक कार्य के लिए उनका तहे दिल से आभार व्यक्त किया है.
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