RSMSSB कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026: योग्यता नहीं रखने वालों के लिए जरूरी खबर, 15 मार्च तक ले नाम वापस वरना एक्शन की तैयारी में बोर्ड

Rajasthan News: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन वापसी का मौका दिया है. बिना पात्रता आवेदन करने वालों पर कार्रवाई होगी. साथ ही परीक्षा में अनुपस्थित रहने पर जुर्माना भी देना होगा.

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Agriculture Supervisor recruitment examination notice
NDTV

Agriculture Supervisor recruitment exam 2026: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड(RMSSB) 18 अप्रैल को कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026(Agriculture Supervisor recruitment exam 2026) आयोजित कर रहा है. यह भर्ती एग्जाम 1100 पोस्ट के लिए हो रहा है. 38 जिलों में लगभग 1.83 लाख कैंडिडेट रिक्रूटमेंट एग्जाम देंगे. RSMSSB ने इस रिक्रूटमेंट एग्जाम के लिए 6 जनवरी, 2026 को पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, जिसके लिए 13 जनवरी से 11 फरवरी तक एप्लीकेशन मंगाए गए थे.

अपात्र छात्र सावधान, नाम ले वापस वरना होगी कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, भर्ती परीक्षा के लिए 1 लाख 83 हजार से ज़्यादा फॉर्म मिले हैं. ऐसे में राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने आज एक नोटिफिकेशन जारी करके उन कैंडिडेट्स को जानकारी दी है, जिन्होंने बोर्ड द्वारा तय परीक्षा के नियमों के मुताबिक ज़रूरी क्वालिफिकेशन न होने के बावजूद अप्लाई किया है, या जो आखिरी समय में परीक्षा में शामिल नहीं होंगे. ऐसे कैंडिडेट्स को इस परीक्षा में अपना एप्लीकेशन वापस लेने के लिए बोर्ड ने 13 से 15 मार्च तक का समय दिया है. नहीं तो,इसके बाद विभाग की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि अगर जांच में स्टूडेंट अयोग्य पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

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2025 में भर्ती परीक्षाओं के लिए बनाए थे ये नियम

बता दें कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने पिछले साल (2025) से भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है. जिसमें बोर्ड ने अपात्र (Ineligible) छात्रों के खिलाफ ठोस कार्रवाई शुरू की है. इसके जरिए उन अभ्यर्थी पर कड़े कदम उठाए जाएंगे जो लगातार दो परीक्षाओं में अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें 750 रुपए और वे अभ्यर्थी जो लगातार 4 परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें 1500 रुपए फाइन भी जमा कराना पड़ेगा. बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अनुपस्थित रहने पर परीक्षा कराने में लगने वाले संसाधनों का दोहन बचाने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं.  जिसमें वह अपात्र छात्रों को 3 से 5 साल तक के लिए बोर्ड की सभी आगामी परीक्षाओं से डिबार कर सकते है.

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