अजमेर जिले में 'सुनहरा कछुआ' दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है. जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से 3 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी इस कथित दुर्लभ कछुए को कहां से लाए, और अब तक कितने लोगों को इस तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया है. मामला अजमेर जिले के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने सुनहरा कछुआ दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है.
निवेश के नाम पर फंसाया
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दुर्लभ और कीमती 'सुनहरा कछुआ' बेचने का झांसा देकर लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया. पीड़ित ब्यावर निवासी रसीद ने 12 लाख रुपये गंवाने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू की.
तीन आरोपी को किया गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि कछुआ अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये का है, और 20 लाख के निवेश पर भारी मुनाफा होगा. इस लालच में पीड़ित ने 12 लाख रुपये दे दिए. पुलिस टीम ने 11 अप्रैल 2026 को कार्रवाई करते हुए ताराचंद बावरिया (27), राहुल योगी (21) और रोहिताश बावरिया (24) को गिरफ्तार कर लिया. ये सभी जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं.
मोबाइल पर फाेटो दिखकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले भी उल्लू, रेड मरकरी और अन्य दुर्लभ वस्तुओं के नाम पर ठगी करता रहा है. मोबाइल पर वीडियो दिखाकर विश्वास जीतना और फिर सौदे के नाम पर पैसे ऐंठना इनका तरीका था. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.
यह भी पढ़ें: जेजेएम घोटाला: रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में किया पेश, मीडिया के सामने पूर्व CS सुधांश पंत का लिया नाम