Rajasthan News: अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले में याचिकाकर्ता ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अहम मांगें रखी हैं. वकील एपी सिंह ने जिला कलेक्टर लोक बंधु व पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा से दरगाह परिसर की पूरी वीडियोग्राफी करवाने की मांग की. ज्ञापन में कहा गया कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते परिसर की वर्तमान स्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है. साथ ही खुदाई, ड्रिलिंग, पेंटिंग या किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई, ताकि स्थल की मौजूदा संरचना से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो.
निर्माण कार्य रोकने की मांग
वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया कि दरगाह कमेटी से जुड़े कुछ कथित लोगों द्वारा परिसर में खुदाई, ड्रिलिंग व पेंटिंग जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे संभावित ऐतिहासिक निशानों के प्रभावित होने की आशंका है. वादी पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है. उन्होंने यह भी जिक्र किया कि अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पूर्व में पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे व निरीक्षण कराए जा चुके हैं, इसलिए यहां भी तथ्यों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
कोर्ट में विचाराधीन है मामला
महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से अजमेर कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में दरगाह परिसर के भीतर प्राचीन शिव मंदिर होने का दावा करते हुए ऐतिहासिक व धार्मिक तथ्यों की न्यायिक जांच की मांग की गई है. फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके चलते याचिकाकर्ता प्रशासनिक स्तर पर भी परिसर की स्थिति सुरक्षित रखने और साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर लगातार मांग उठा रहा है.
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