Rajasthan: किशनगढ़ पुलिस ने पकड़ा अवैध हथियारों का जखीरा,यूट्यूब से सीखा देशी कट्टे बनाना, रंगे हाथ दबोचे आरोपी

Rajasthan news: किशनगढ़ में पुलिस ने अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. आरोपियों ने पंचर की दुकान की आड़ में यूट्यूब से सीखकर हथियार बनाने का काम करते थे. दोनों के ब्रिक गैंग से कनेक्शन की बात बी सामने आई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
kishangarh news
NDTV

Ajmer News: अजमेर जिले में किशनगढ़ पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया है. मामला क्षेत्र के कांकनियावास गांव का है जो एक पंचर की दुकान की आड़ में संचालित की जा रही थी. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पूछताछ में कई बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए जिसने सभी के होश उड़ा के रख दिए है. जिसमें एक यह है कि आरोपियों ने हथियार बनाने का हुनर किसी ट्रेनिंग सेंटर में नहीं, बल्कि यूट्यूब (YouTube) वीडियो देखकर सीखा था.  इस मामले में पुलिस ने पहले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया हुआ था जिसके बाद दूसरी गिरफतारी कल यानी बुधवार को हुई है, जिससे इस पूरे नेटवर्क के तार कुख्यात गैंग से जुड़े होने का खुलासा हुआ है.

कुख्यात BRC गैंग और जेल कनेक्शन

आईपीएस अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पहले आरोपी मोहम्मद रोशन (28) को गिरफ्तार किया गया था. अब इस मामले में दूसरा आरोपी नरेश चौधरी (35) को भी दबोचा गया है. गिरफ्तार आरोपी नरेश चौधरी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ 7 से 8 मुकदमे दर्ज हैं. पूछताछ में उसके कुख्यात BRC गैंग से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है.जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी संगठित रूप से अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने का काम कर रहे थे.

Advertisement

गैंग और बलराम जाट के कनेक्शन का संबंध

मामले में आगे की जानकारी देते हुए बताया कि इस गैंग के तार कुख्यात अपराधी बलभाराम जाट से जुड़े नजर आ रहे हैं, जो वर्तमान में अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है.बलभाराम जाट का नाम पहले भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है. वर्ष 2011 में कांग्रेस विधायक के पुत्र के अपहरण और हत्या मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी. इसके अलावा वर्ष 2019 में जेल से ही एक मुख्य गवाह की हत्या करवाने के आरोप भी उस पर लगे. हाल ही में 2025 में रूपनगढ़ में फायरिंग की घटना में भी गैंग का नाम सामने आया था, जिसमें एक युवक की जान चली गई थी.

यूट्यूब से सीखा हथियार बनाना

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपियों ने अवैध हथियार बनाने की तकनीक यूट्यूब के माध्यम से सीखा था. इसके बाद उन्होंने पंचर की दुकान की आड़ में देशी कट्टे और बंदूकें बनाना शुरू कर दिया.

छापेमारी में क्या- क्या मिला

मौके से पुलिस ने 5 तैयार अवैध हथियार, कई अर्धनिर्मित कट्टे, हथियारों की नाल, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, बारूद सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं.

अवैध हथियार सप्लाई की जांच में जुटी पुलिस

यह पूरा ऑपरेशन अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल की देखरेख में किया गया. सिटी CO अजय सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली सटीक जानकारी के आधार पर, कांकनियावास गांव में छापा मारा गया, जहां से अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ. पुलिस ने बताया कि फिलहाल वह इस मामले में हर तरह से जांच में जुटी हुई है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह फैक्ट्री गैंग को अवैध हथियार सप्लाई तो नहीं कर रही थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सलमान खान को तीसरी बार जारी हुआ जमानती वारंट, डीजीपी को तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश