अजमेर हत्याकांडः राजस्थान का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रहा पूर्व सरपंच राम सिंह, जेल में इश्क बना मौत की वजह

बोराड़ा के कांग्रेस से पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, बुजुर्ग मां, दूसरी पत्नी सुरज्ञान और भांजी महिमा की हत्या कर दी गई. मर्डर केस में नाबालिग बेटे की भूमिका मास्टरमाइंड की बताई जा रही है. जबकि पहली पत्नी सुनीता और बेटी भी रिमांड पर है.

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रामसिंह और सुरज्ञान के रिश्तों की वजह से परिवार में दरार पैदा हो गई थी.

अजमेर जिले के बोराड़ा गांव में हत्याकांड की जांच के बीच पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा में है. राम सिंह कांग्रेस पार्टी में सक्रिय पदाधिकारी के साथ ही हिस्ट्रीशीटर भी रहा. राम सिंह के खिलाफ श्रीनगर, सरवाड़ और बोराड़ा सहित कई थानों में करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे. राजकार्य में बाधा के अलावा मारपीट, अवैध हथियार और अन्य गंभीर मामले बताए जा रहे हैं. हालांकि, साल 2024 में उसकी हिस्ट्रीशीटर निगरानी बंद कर दी गई थी. उसका निजी जीवन भी काफी विवादों से घिरा हुआ रहा, जिसकी वजह से उसका बेटा और उसकी पहली पत्नी से तनावपूर्ण रिश्ते रहे. 

सुरज्ञान वकील, पेशी के दौरान रामसिंह से मुलाकात

राम सिंह के जीवन का सबसे अहम मोड़ उस वक्त आया, जब राजकार्य में बाधा के मामले में उसे जेल जाना पड़ा. इसी प्रकरण के दौरान उसकी मुलाकात सुरज्ञान से हुई, जो उस समय वकालत कर रही थी. कोर्ट पेशी और कानूनी प्रक्रिया के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. प्रेम संबंध होने के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लव मैरिज कर ली. 

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हत्या के बाद रामसिंह और उसके परिजनों के शव को गाड़ी में जला दिया गया था.

शादी से पहले सुरज्ञान का पहली पत्नी से हुआ विवाद

हालांकि, रामसिंह की पत्नी को मंजूर नहीं था. बताया जा रहा है कि दूसरी शादी के बाद से ही पहली पत्नी सुनीता और सुरज्ञान के बीच लगातार विवाद रहने लगा था. परिवार के भीतर तनाव, आपसी खींचतान और रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट ने हालात को धीरे-धीरे विस्फोटक बना दिया. अब पुलिस इसी पारिवारिक विवाद और अंदरूनी तनाव को हत्याकांड की बड़ी वजह मानकर जांच कर रही है.

4 हत्याओं के बाद स्कॉर्पियो में जलाए शव

राम सिंह की पहली पत्नी सुनीता और आरोपी बेटी.

पुलिस जांच के अनुसार, घर के अंदर धारदार हथियारों से हमला कर चार लोगों की हत्या की गई. इसके बाद शवों को स्कॉर्पियो में डालकर करीब 500 मीटर दूर ले जाया गया और वाहन में आग लगाकर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई. मामले में मां और बेटी 2 दिन की रिमांड पर है. जबकि नाबालिग बेटे को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है.

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