अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड के अरांई क्षेत्र स्थित चौसला गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय युवक की जान चली गई. 200 फीट गहरी पानी से भरी बंद खदान में गिरने से युवक की मौत हुई है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद युवक का शव बाहर निकाला गया. मृतक की पहचान अजय चौधरी, निवासी चौसला के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक किन परिस्थितियों में खदान में गिरा, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है.
धरने पर बैठे परिजन
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बंद पड़ी खदान के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण पहले भी हादसों की आशंका जताई जाती रही है. घटना की सूचना मिलते ही अरांई थाना पुलिस, देवपुरी सरपंच हरिराम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तकनीकी उपकरणों और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया.
लंबे प्रयास के बाद युवक का शव खदान से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए यज्ञनारायण जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. मृतक के परिजन और ग्रामीण मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ.
अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात
सूचना मिलने पर विधायक डॉ. विकास चौधरी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. विधायक की मध्यस्थता के बाद प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर के भीतर पहुंचे, जहां प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता शुरू हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया.
सीओ ग्रामीण आयुष वशिष्ठ, उपखंड अधिकारी नीतू मीणा, तहसीलदार नेहा कंवर सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी. फिलहाल सुबह पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा. सीओ ग्रामीण आयुष वशिष्ठ कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों ने बंद पड़ी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है.
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