अजमेर में एक युवक ने जमीन विवाद से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की. बांदरसिंदरी के रहने वाले पप्पू माली ने कलेक्ट्रेट में कथित तौर पर जहर खा लिया. देखते ही देखते परिसर में हड़कंप मच गया. वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और हॉस्पिटल ले गए. युवक का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस सुनवाई नहीं कर रही थी. इससे परेशान पप्पू ने खौफनाक कदम उठा लिया. फिलहाल, जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल (JLN Hospital) में युवक का इलाज जारी है. वहीं, बीते कुछ ही दिनों में दूसरी बार ऐसी घटना सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं.
रात के वक्त घर में घुस आए थे रिश्तेदार
पीड़ित के मुताबिक, रिश्तेदार लंबे वक्त से उसे परेशान कर रहे थे. उसने सोमवार (18 मई) की रात को शिकायत भी दी थी. रिपोर्ट में बताया, "रात करीब 8:15 बजे उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की. उसका बड़ा भाई प्रेमचंद, भंवरलाल, छोटू और परिवार की महिलाएं भी घर में घुस आई थीं. उन्होंने पप्पू और उसकी मां लाली देवी को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा."
जान से मारने और झूठे मुकदमें में फंसाने की मिली धमकी
आरोप है कि रिश्तेदार पुश्तैनी जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई. पीड़ित का कहना है कि परिवार के लोग पिछले कई वर्षों से उसकी मां को भी परेशान कर रहे हैं. बीती रात को हुई घटना भी कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी उसके साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं. फिर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. यही वजह है कि युवक लंबे समय से तनाव में था.
पुलिस की साख पर सवाल!
कुछ दिनों पहले भी कलेक्ट्रेट परिसर में ऐसा ही मामला सामने आया था. तब अलवर गेट थाना पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक व्यक्ति ने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था. लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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