राजस्थान के अलवर में करीब 10 साल पुराने बहुचर्चित पाटा गांव हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 8 आरोपियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषी कोर्ट परिसर से बिना किसी घबराहट के बाहर निकले और उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी. यह दृश्य अदालत परिसर में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा.
10 जून 20216 की है घटना
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह चौहान और अजय मोहन मुखिजा ने बताया कि यह मामला 10 जून 2016 का है. उस समय नौगांव थाना क्षेत्र के पाटा गांव में सरपंच चुनाव को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे. चुनाव परिणाम आने के बाद पुरानी चुनावी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया. आरोप है कि अवतार सिंह और उनके परिजनों पर हथौड़े, तलवार, चाकू, लोहे के पाइप, हॉकी और लाठियों से हमला किया गया.
सुनवाई के दौरान 22 गवाहों के हुए बयान
गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. लंबी विवेचना, गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया. सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए.
10 साल 18 दिन बाद आया फैसला
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित सभी 8 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. फैसले के बाद मृतक के बेटे अजयपाल ने कहा कि उनके परिवार को करीब 10 साल 18 दिन बाद न्याय मिला है. उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद अदालत के इस फैसले से परिवार को संतोष मिला है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था. इस फैसले के साथ अलवर के चर्चित चुनावी रंजिश वाले हत्याकांड का कानूनी अध्याय एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंच गया.