Alwar Fire: अग्रसेन जयंती शोभायात्रा में बड़ा हादसा टला, अघोरी झांकी में लगी आग, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

अलवर के राजगढ़ में अग्रसेन जयंती की शोभायात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक झांकी में आग लग गई. हालांकि स्थानीय लोगों और शोभायात्रा में मौजूद लोगों ने तुरंत पानी डालकर करीब 20 मिनट में आग पर काबू पा लिया.

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अग्रसेन जयंती की झांकी में लगी आग, ग्रामीणों की मदद से टली अनहोनी
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में महाराजा अग्रसेन जयंती की शोभायात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा होने से टल गया. शोभायात्रा शुरू होने से ठीक पहले एक झांकी में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि, समय रहते स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया और किसी भी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई.

अघोरी झांकी के दौरान हादसा

यह घटना उस समय हुई जब कस्बे के अवधूत आश्रम से शोभायात्रा निकाली जा रही थी. शोभायात्रा में कई आकर्षक झांकियां शामिल थीं, जिनमें से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर अघोरी नृत्य की झांकी थी. इस झांकी में कलाकार करतब दिखा रहे थे, जिसमें वे अपने मुंह से ज्वलनशील पदार्थ निकालकर आग के साथ खेल रहे थे.

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एक गलती और लगी आग

चश्मदीदों के मुताबिक, एक कलाकार अपने करतब के बाद जलती हुई लकड़ी को यह सोचकर फेंक दिया कि वह पूरी तरह से बुझ चुकी है. लेकिन, जलती हुई लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखे अन्य ज्वलनशील और सजावटी सामान पर जा गिरी, जिससे देखते ही देखते आग भड़क उठी. आग लगते ही मौके पर भगदड़ मच गई. जिस समय यह हादसा हुआ, शोभायात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, मौजूद थे.

20 मिनट में बुझ गई आग

अचानक लगी आग और अफरा-तफरी के बावजूद, स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाई और तत्काल मोर्चा संभाला. किसी ने बाल्टी में पानी लिया तो किसी ने पाइप की मदद से आग बुझाने की कोशिश की. करीब बीस मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद, ग्रामीणों की मदद से आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया. इस दौरान दमकल विभाग या पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने हालात को संभाल लिया था. यह एक बड़ी राहत की बात थी कि आग ज्यादा नहीं फैली और कोई भी इस हादसे की चपेट में नहीं आया.

भव्य शोभायात्रा और आग का हादसा

महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर सुबह कस्बे के प्रमुख मार्गों से प्रभात फेरी निकाली गई थी, जिसमें समाज के महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था. शाम को निकाली जाने वाली शोभायात्रा का पूरे कस्बे में इंतजार था. इस यात्रा में भालू, अघोरी, श्रीराम और राधा-कृष्ण की झांकियां मुख्य आकर्षण थीं. जगह-जगह शोभायात्रा का फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत भी किया जा रहा था.

समाज के अध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, 'जैसे ही यात्रा शुरू होने वाली थी, अघोरी झांकी के ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लग गई. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, लेकिन गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.' उन्होंने स्थानीय लोगों का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने समय पर पहुंचकर आग को फैलने से रोका.

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