अलवर में लकड़ी विक्रेता की मौत, पुलिस ने मॉब लिंचिंग होने की बात से किया इंकार

एसपी ने इस बात से इंकार किया है कि धर्मविशेष का समझकर उसके साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में ऐसी कोई बात अभी सामने नहीं आई है.

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मृतक आसिफ (फाइल फोटो)
अलवर:

कोठपुतली बहरोड़ जिले के हरसोरा थाना क्षेत्र के नारोल गांव के पास एक लकड़ी विक्रेता की मौत पर पुलिस का नया बयान सामने आया है. कोठपुतली पुलिस ने इस मामले में मॉब लीचिंग की घटना से इनकार करते हुए कहा कि जब वन विभाग के कर्मचारी अपने वन क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को रोकने की कवायद कर रहे थे. उसी दौरान यह घटना घटी है. पुलिस ने इस मामले में चार वन कर्मियों सहित दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

एसपी कोठपुतली रंजिता शर्मा ने बताया कि वन विभाग की टीम को वन क्षेत्र में लकड़ी काटे जाने की सूचना मिली थी जिसका रात्रि में ड्यूटी करने वाली वन विभाग की टीम ने अपनी गाड़ी से पीछा किया और गांव के कुछ लोगों को सूचना दी और उन्हें पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की गई. धारदार हथियार से वसीम के गंभीर चोट लग गई थी, जिससे उसकी मौत हुई है. एसपी ने इस बात से भी इनकार किया है कि धर्मविशेष का समझकर उसके साथ मारपीट की गई है उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में ऐसी अभी कोई बात सामने नहीं आई है.

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कोठपुतली - बहरोड की एसपी रंजिता शर्मा ने इस मामले में कहा कि देर रात को सूचना मिली थी जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. तीनों को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया फिर वहां से कोठपुतली के बीडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया.जहां उपचार के दौरान वसीम की मौत हो गई.

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परिजनों द्वारा FIR दर्ज करवाई गई मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान जारी कर दिया.इस दौरान पुलिस ने करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है, पुलिस ने चार वन विभाग के कर्मचारियों व छः ग्रामीणों और जेसीबी चालक सहित कुल दस लोगों को हिरासत में लिया है.

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अनुसंधान के लिए जयपुर से स्पेशल एफएसएल की टीम को बुलाया गया हैजिन्होंने दिन भर घटना स्थल से साक्ष्य जुटाएं हैं. एसपी ने बताया कि जांच के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी. उन्होंने इस बात से भी इनकार किया है कि धर्म विशेष का समझ कर उनके साथ मारपीट की गई है बल्कि वन विभाग की टीम को अपने वन क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों की सूचना मिली थी .जब वन विभाग की टीम उन गतिविधि को रोकने के लिए गई इस कवायद के दौरान यह घटना घटित हुई है.

मृतक के परिजनों का कहना है कि वसीम कोठपुतली इलाके में पेड़ काटने का काम करता है और सबकी सहमति से ही पेड़ खरीदता है फिर उसको काट कर ले जाता है और इस इलाके में उसका भाईचारा भी है सब से जान पहचान है. उसका किसी से विवाद नहीं है. उसने किसी मकान के सामने पेड़ काटा था और अपने साथ गांव से खाली पिकअप लेकर गया था जब वह पिकअप लेकर पहुंचा तो ग्रामीणों ने बताया कि फॉरेस्ट विभाग की टीम घूम रही है और इन पेड़ों को रात में नहीं दिन में ले जाना.

जब वह वापस  खाली पिकअप को वापस ला रहा था तो रामपुर के पास एक जेसीबी सड़क पर आड़ी खड़ी मिली और उसे उसकी गाड़ी को रोक लिया गया और वही वन विभाग की टीम भी पहुंच गई। वन विभाग के आठ 10 आदमी अपनी गाड़ी से उतरे और जेसीबी से तीन चार जने उतरे और उन्हें गाड़ी से खींच कर मारपीट शुरू कर दी उन्होंने बताया कि जब वह उसके साथ मारपीट कर रहे थे तो कहा धर्म को लेकर अपशब्द भी कहे कि हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं.

उन्होंने इस संबंध में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की गाड़ी के नंबर भी एफआईआर में दिए हैं.उन्होंने पुलिस से दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम होने के कारण उसकी हत्या की गई है.

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