Amer News: जयपुर में सर्द हवाओं के साथ कड़ाके की तेज सर्दी का दौर शुरू होने लगा है. इस हाड़ कंपकपा देने वाली ठंड में लोगों की दिनचर्या से लेकर खानपान भी बदल गया है. सिर्फ घरों ही नहीं, बल्कि मंदिरों में भी प्रभु की सेवा में भी यह बदलाव देखने को मिल रहा है. आमेर के मेहंदी का बास स्थित श्री ठाकुर सीताराम मंदिर और जगत शिरोमणि मंदिर में विशेष इंतजाम किए गए हैं. सर्दी के सीजन में ठाकुरजी की सेवा-पूजा में बदलाव करते हुए उन्हें गर्म तासीर का भोग परोसा जा रहा है. मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि सर्दी का असर बढ़ते ही मंदिरो में भगवान के शृंगार, भोग से लेकर आरती और शयन तक की दिनचर्या में बदलाव होने लगा है. मंदिर में ठाकुरजी के पास हीटर भी लगाया गया है. विशेष भोग में बाजरे की खिचड़ी, रेवड़ी, गजक, तिलपट्टी, बाजरे का चूरमा, गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा, पौष बड़ा और गुनगुना दूध परोसा जा रहा है.
सर्दी कम होने तक निरंतर जारी रहेगी सेवा
ब्रह्म मुहूर्त में सुबह ठाकुरजी को गुनगुने पानी से स्नान कराया जा रहा है. गर्म किए गए घी से हल्की-हल्की मालिश की जा रही है. इसके साथ ही ठाकुरजी को सर्दी से बचाने के लिए गर्भ ग्रह में हीटर लगाया गया है ताकि गर्भ गृह का तापमान सामान्य रहे. गले में मफलर और कंधे पर शॉल धारण कराया जा रहा है. गर्म कपड़े बदलने की प्रक्रिया सुबह और शाम की जाती है. ठाकुरजी की यह सेवा सर्दी कम होने तक निरंतर जारी रहेगी.
श्री ठाकुर सीताराम मंदिर, आमेर.
जागने से लेकर सोने तक के समय में बदलाव
खास बात यह है कि ठंड के सीजन में ठाकुरजी के राग-भोग, शृंगार और दर्शन झांकी में बदलाव होता ही है. बल्कि भगवान के जागने से लेकर सोने तक का समय परिवर्तित हुआ है. इसी के चलते, सुबह की मंगला आरती में अब थोड़ा विलंब रहता है. जबकि शाम की आरती समय से पहले संपन्न कराई जा रही है. रात्रि में ठाकुरजी को शीघ्र शयन कराया जा रहा है, ताकि ठंड का प्रभाव कम रहे.
रिपोर्ट- रोहन शर्मा
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