राजस्थान के कोटा शहर के नयापुरा मुक्तिधाम से पिछले कुछ समय से लगातार अस्थियों की चोरी के मामले सामने आ रहे हैं. पिछले कुछ महीनों में कोटा में ऐसे दर्जन भर मामले सामने आ चुके हैं. पिछले जनवरी महीने में ऐसी पांच घटनाएं हुई थीं. लेकिन, तमाम प्रयासों के बाद भी ना तो ये पता चल पा रहा है कि चोरी कौन कर रहे हैं और ना ये समझ आ रहा है कि चोरी क्यों हो रही है. लेकिन अब इस मामले में एक नया शक जताया जा रहा है. कहीं इन चोरियों का संबंध सोने चांदी की बढ़ती कीमतों से तो नहीं है?
नयापुरा मुक्तिधाम में कर्मयोगी सेवा संस्थान के संस्थापक राजाराम कर्मयोगी ने कहा कि सामान्यतः इस तरह की चोरियों में लोगों को शक होता है कि शायद तंत्र विद्या करनेवाले लोगों का इनमें हाथ हो सकता है. लेकिन, हाल के समय में जिस तरह से सोने और चांदी के भाव आसमान पर चले गए हैं, उससे अब इन चोरियों को इससे भी जोड़कर देखा जाना चाहिए.
पहले भी रंगे हाथ पकड़े गए थे अस्थि चोर
राजाराम कर्मयोगी ने बताया कि 17 साल पहले, साल 2009 में कोटा के रामपुरा मुक्तिधाम में भी ऐसी घटनाएं हुई थीं. तब वहां से एक महीने में ही ऐसी तीन-चार घटनाएं हो गई थीं.
उन्होंने कहा,"तब हमने व्यक्तिगत स्तर पर कुछ गार्डों को तैनात किया था और एक महीने के अंदर उस चोर को रंगे हाथ पकड़ा. वह व्यक्ति धूल धोया निकला, यानी ऐसा व्यक्ति जो सोने-चांदी के दुकानों से धूल समेटकर उनमें से सोने-चांदी के कण निकालकर बेचता था. हमें शक है कि इस बार भी वैसा ही हो रहा है."
राजाराम कर्मयोगी ने बताया कि हिंदू परिवारों में, ख़ास तौर पर महिलाओं की अंत्येष्टि के समय उनके शरीर का कोई जेवर छोड़ देते हैं. वैसे ही पुरुषों के शव के मुख में भी किसी ना रूप में सोना-चांदी रख देते हैं.
राजाराम कर्मयोगी
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पुलिस करेगी इस एंगल से भी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं कोई पेशेवर गिरोह तो इस घिनौने काम में शामिल नहीं है. नयापुरा थाना के सीआई विनोद कुमार ने कहा,"मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, यदि कोई गिरोह सक्रिय पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी.”
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