सेना की बढ़ी ताकत, भारत ने जैसलमेर में  टैंक-रोधी ‘गाइडेड’ मिसाइल नाग MK-2 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

DRDO: मंत्रालय ने बताया कि नाग मिसाइल के वाहक संस्करण-2 का भी वास्तविक परिस्थितियों में सफल परीक्षण किया गया है. यह परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक हथियार प्रणाली अब भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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Nag Mk2 Anti-Tank Guided Missile: भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी की टैंक-रोधी ‘गाइडेड' मिसाइल नाग एमके-2 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह परीक्षण राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया है. स्वदेशी तकनीक से विकसित इस ‘फायर-एंड-फॉरगेट' मिसाइल ने परीक्षण के दौरान अधिकतम और न्यूनतम सीमा के सभी लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट कर अपनी उच्च क्षमता साबित की है. 

मंत्रालय ने बताया कि नाग मिसाइल के वाहक संस्करण-2 का भी वास्तविक परिस्थितियों में सफल परीक्षण किया गया है. यह परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक हथियार प्रणाली अब भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सेना ने इस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाग एमके-2 की संपूर्ण हथियार प्रणाली के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय सेना और उद्योग जगत को बधाई दी है. डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने भी मिसाइल प्रणाली को सेना में शामिल करने के लिए सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना की है. यह उपलब्धि स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती ताकत का एक और उदाहरण है.

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