Rajasthan Politics: बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को आग लगी थी. वहीं रिफाइनरी में आग लगने की घटना पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. घटना के एक दिन बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने रिफाइनरी का दौरा किया था. वहीं उन्होंने कहा कि इस मामले के जांच के आदेश दे दिए गए हैं. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएम से सवाल करते हुए कहा है कि वह भ्रामक भाषण दे रहे हैं. लेकिन घटना के दो दिन बाद भी आधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दे रहे हैं कि दुर्घटना क्यों हुई?
अशोक गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी के कार्य में बीजेपी के कारण हुई अनावश्यक देरी एवं अब जल्दबाजी में उद्घाटन के प्रयास में हुई दुर्घटना से ध्यान भटकाने तथा अपनी असफलता छिपाने के लिए भ्रामक भाषण दिया जा रहा है.
26 प्रतिशत भागीदारी राज्य की है
गहोलत ने कहा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान कि "रिफाइनरी में राजस्थान सरकार की 26% भागीदारी मोदी जी ने करवाई", पूर्णतः असत्य है. उन्होंने कहा, उन्हें शायद जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% भागीदारी 2013 में हुए शिलान्यास के समय से ही है.
HPCL ने राज्य सरकार की हिस्सेदारी की शर्त रखी थी
पचपदरा में रिफाइनरी के लिए भारत सरकार एवं HPCL ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26% हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है. सामान्यतः रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है. ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है जिससे उनकी भरपाई हो जाती है. राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा, परन्तु इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी.
मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की 'एबीसीडी' भी मालूम नहीं है. उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं.
इसी प्रकार, वे रिफाइनरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं. 12 साल से केन्द्र एवं सवा दो साल से राज्य में सरकार होने के बावजूद अभी तक इन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
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