Rajasthan: प्रमोशन के कुछ ही दिनों बाद ASI की मौत, अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से चली गोली; पुलिस मान रही हादसा

भीलवाड़ा में सर्विस रिवॉल्वर से चली गोली ने ASI महावीर सिंह की जिंदगी छिन ली. यह दर्दनाक घटना प्रमोशन के कुछ ही दिनों बाद हुई. पुलिस इसे सुसाइड नहीं बल्कि 'हादसा' मानकर जांच कर रही है. मृतक के पिता भी थानेदार रह चुके हैं.

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मृतक एएसआई महावीर सिंह का फाइल फोटो.
NDTV Reporter

Bhilwara ASI News: राजस्थान पुलिस के बेड़े से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. भीलवाड़ा के कोतवाली थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) महावीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई. चौंकाने वाली बात यह है कि गोली उनकी अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से चली है. अभी कुछ ही दिन पहले महावीर सिंह हेड कांस्टेबल से प्रमोट होकर ASI बने थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है.

सुसाइड नहीं, 'हादसा' मान रही है पुलिस

आमतौर पर ऐसी घटनाओं को शुरुआती दौर में आत्महत्या से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन भीलवाड़ा पुलिस इस मामले में अलग थ्योरी पर काम कर रही है. अब तक की जांच और घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस इसे 'आत्महत्या' नहीं बल्कि एक 'हादसा' मान रही है. शहर पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह के मुताबिक, 'ASI महावीर सिंह अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटे थे, जहां यह हादसा हुआ. प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना लग रही है, लेकिन हम हर एंगल से इसकी बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं.'

FSL टीम जांच में जुटी, MOB को भी बुलाया

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मेंद्र सिंह यादव, एडिशनल एसपी पारस जैन और कोतवाल शिवराज गुर्जर तुरंत मौके पर पहुंचे. मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए MOB (मोबाइल आउटरीच ब्यूरो) और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीमों को बुलाया गया है. वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि गोली आखिर चली कैसे? फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया है.

पिता भी रह चुके हैं सब-इंस्पेक्टर

ASI महावीर सिंह का नाता पुलिस परिवार से ही था. उनके पिता महेंद्र सिंह भी राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (थानेदार) के पद से रिटायर हुए थे. महावीर सिंह पिछले लंबे समय से शहर के ट्रैफिक थाने में तैनात थे और अपने मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे. उनके पैतृक गांव बारडोड और भीलवाड़ा पुलिस लाइन में इस खबर के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है. परिवार में कोहराम मचा है और हर कोई स्तब्ध है कि आखिर एक हंसता-खेलता अधिकारी इस तरह मौत का शिकार कैसे हो गया.

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