Rajasthan Politics: विधानसभा के बाहर गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली समेत धरने पर बैठी पूरी राजस्थान कांग्रेस, माफ़ी की मांग 

धरने में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार विधानसभा में जवाब देने से बच रही है. उन्होंने कहा मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए सदन नहीं चलाना चाहते. विधानसभा अध्यक्ष को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए. स्पीकर सिर्फ एक पार्टी का सोचकर नहीं चल सकते उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

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Rajasthan Assembly Budget Session: राजस्थान विधानसभा में 6 विधायकों के निलंबन के बाद अब कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना शुरू कर दिया. इस धरने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हुए.

कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन, अंदर जाने की कोशिश

कांग्रेस विधायक विधानसभा के अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद विधायक आवास के गार्डन में सभी कांग्रेस विधायक एकत्रित हुए और वहीं से सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

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सरकार विधानसभा में जवाब देने से बच रही है- गहलोत 

धरने में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार विधानसभा में जवाब देने से बच रही है. उन्होंने कहा मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए सदन नहीं चलाना चाहते. विधानसभा अध्यक्ष को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए. स्पीकर सिर्फ एक पार्टी का सोचकर नहीं चल सकते उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को उठाने आए हैं, उनकी सरकार से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. डोटासरा ने कहा सरकार किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों पर जवाब देने में असमर्थ है और इसलिए सदन को सुचारू रूप से नहीं चलाना चाहती.

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