Ajmer News: अजमेर के पलटन बाजार में एक हिंदू महिला के घर प्रभु यीशु मसीह की आराधना प्रार्थना को लेकर उठे विवाद ने नए धर्मांतरण कानून को लेकर चल रही बहस को फिर से तेज कर दिया है. हिंदूवादी संगठन बजरंग दल ने इस प्रार्थना पर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ता और संबंधित महिला के परिजन सिविल लाइन थाने पहुंचे.
कुंदन नगर निवासी मुन्नालाल डडोरिया, उनकी पत्नी अलका देवी और उनके रिश्तेदार अपने निजी मकान में प्रार्थना कर रहे थे. इस दौरान थाने के बाहर हिंदूवादी संगठनों की ओर से नारेबाजी भी की गई. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जांच शुरू की.
परिवार का पक्ष, निजी आस्था और कानून
मुन्नालाल डडोरिया और उनकी पत्नी अलका देवी का कहना है कि प्रभु यीशु मसीह में उनकी आस्था पूरी तरह निजी है. उन्होंने पुलिस को बताया कि जब उनके पुत्र नहीं था और तीन बेटियां थीं, तब उन्होंने प्रभु यीशु से प्रार्थना की, जिसके बाद पुत्र की प्राप्ति हुई. इसी विश्वास के चलते वे प्रार्थना करते हैं. उनका दावा है कि वे किसी भी तरह का धर्म परिवर्तन नहीं करवा रहे हैं और न ही किसी को प्रलोभन दिया जा रहा है. परिवार का कहना है कि नए धर्मांतरण कानून का सम्मान करते हुए वे केवल अपनी आस्था का पालन कर रहे हैं, जो भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे में आता है.
आरोप, शिकायत और नए कानून के तहत जांच
बजरंग दल के संयोजक चेतन ने आरोप लगाया कि हिंदू बहुल क्षेत्र में इस तरह की प्रार्थनाएं नए धर्मांतरण कानून के उल्लंघन का संकेत हो सकती हैं. सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत घनश्याम जांगिड़ की ओर से दी गई है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी शामिल हैं.
शिकायत में आरोप है कि कमजोर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण की ओर प्रेरित किया जा रहा है और इन गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी. थाना प्रभारी के अनुसार यदि जांच में नए धर्मांतरण कानून के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
ये कहता है क़ानून ?
धर्मांतरण बिल वह कानून है, जिसके तहत लालच, दबाव, भय या धोखे से धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना जाता है. इस कानून में दोषी पाए जाने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है तथा धर्म परिवर्तन से पहले प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य किया गया है.