Ajmer Bakra Mandi News: देशभर में बकरीद 28 तारीख को मनाई जाएगी. जिसके लिए अजमेर की बकरा मंडी में बकरों की डिमांड के अनुसार इनकी खरीददारी का सिलसिला शुरू हो चुका है. लेकिन पहले जैसी रौनक इस मंडी से इस बार गायब है. जिसका कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात बताए जा रहे है. क्योंकि समुद्री सप्लाई चेन के बाधित होने से खाड़ी देशों को होने वाला बकरों का निर्यात लगभग पूरी तरह रुक गया है.
विदेशी खरीदारों की कमी से कारोबारियों को हो रहा भारी नुकसान
अजमेर के ब्यावर रोड स्थित करीब 10 बीघा क्षेत्र में फैली यह मंडी हर साल बकरा ईद से पहले देशभर के पशुपालकों और व्यापारियों से गुलजार रहती है, लेकिन इस बार विदेशी खरीदारों की कमी से कारोबारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. बकरा मंडी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य पप्पू कुरैशी ने बताया कि जो प्रीमियम नस्लों के बकरे पहले दुबई, मस्कट और ईरान जैसे देशों में 3 से 4 लाख रुपए तक बिकते थे, उनकी कीमत अब घटकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है. सामान्य वर्षों में बकरीद के सीजन में मात्र 15 दिनों के भीतर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो जाता था, लेकिन इस बार अब तक करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है.
10 से ज्यादा प्रीमियम नस्लों के बकरे बिकते हैं यहां
बता दें कि साल 1992 से ब्यावर रोड पर संचालित इस मंडी में विलायती, सोजती, सिरोही, नागोरी, जाफरी, जमनापारी और बरबरी जैसी 10 से ज्यादा प्रीमियम नस्लों के बकरे बिकते हैं. सप्ताह में मंगलवार और शनिवार को लगने वाली मंडी ईद से पहले 24 घंटे संचालित होती है और यहां 10 हजार से अधिक बकरों की खरीद-फरोख्त होती है.
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