बाप विधायक जयकृष्ण पटेल की बढ़ी मुश्किलें, फर्जी डिग्री के आरोप में SOG ने दर्ज की FIR

SOG ने राजस्थान के बागीडोरा से BAP MLA जयकृष्ण पटेल के खिलाफ फर्जी डिग्री का इस्तेमाल कर टीचर बनने के आरोप में FIR दर्ज की है. जिससे अब उनकी विधानसभा सदस्यता खतरे में है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
BAP MLA Jaikrishn patel
NDTV

Bagidora MLA Fake Degree Case: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा सीट से भारत आदिवासी पार्टी( BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. विधानसभा में सवाल पूछने के बदले रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कार्रवाई के बाद, अब SOG ने  विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ फर्जी स्नातक डिग्री के आधार पर सरकारी शिक्षक बनने के आरोप में मामला दर्ज किया है.

एक ही सत्र में तीन राज्यों से लीं डिग्रियां

 दरअसल. जब जयकृष्ण पटेल पर विधानसभा में सवाल पूछने के मामले में ACB  का एक्शन हुआ उस समय बागीदौरा विधायक की फर्जी डिग्री का मामला भी चर्चा में आया था. इस बारे में मिली शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने उनकी शैक्षणिक डिग्रियों का सत्यापन शुरू किया था. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर SOG ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.

एसओजी (SOG) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आरोपी विधायक जयकृष्ण पटेल ने कथित तौर पर एक ही शैक्षणिक सत्र के दौरान देश के तीन अलग-अलग राज्यों से बीए (BA) की डिग्रियां प्राप्त की थीं. जिसके तहत सामने आया है कि शिक्षक बनने से पहले पटेल ने सुखाड़िया विश्वविद्यालय में साल 2007 से 2010 के दौरान नियमित छात्र के रूप में बीए में प्रवेश लिया था.

Advertisement

इसी अवधि में उन्होंने सिक्किम स्थित ईआईआईएलएम यूनिवर्सिटी (EIILM University) से भी बीए की डिग्री हासिल की. आरोप है कि बाद में साल 2012 में गुजरात की कालोरेक्स टीचर्स यूनिवर्सिटी से एक दूसरी बीए डिग्री भी हासिल की गई, जिसका इस्तेमाल साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान शपथ पत्र में किया गया था.

विधायक ने किया फोन स्विच ऑफ

इस पूरे विवाद में जब एनडीटीवी ने विधायक जयकृष्ण पटेल से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था.

ACB की गिरफ्तारी के बाद खुली फर्जीवाड़े की पोल

दरअसल, 4 मई 2025 को एंटी-करप्शन ब्यूरो ने विधानसभा में सवाल पूछने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में विधायक जयकृष्ण पटेल को उनके घर से गिरफ्तार किया था. इस बड़े रिश्वत कांड के बाद अब जब विधायक के खिलाफ फर्जी डिग्री मामले में नया केस दर्ज हुआ है, तो उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं.कानूनी जानकारों का मानना ​​है कि अगर जांच में आरोप साबित होते हैं, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं. सबसे बड़ा खतरा विधायक की सदस्यता को हो सकता है. अगर विधायक पटेल दोषी पाए जाते हैं, तो उनकी विधानसभा की सदस्यता भी जा सकती है.

यह भी पढ़ें: 

Advertisement
Topics mentioned in this article