भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस की. इस दौरान उनके साथ चारों विधायक अनिल कटारा, उमेश डामोर, थावरचंद डामोर और जयकृष्ण पटेल भी मौजूद रहे. पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजकुमार रोत ने कहा कि बीएपी विधानसभा में तीसरे नंबर की पार्टी है. आदिवासी इलाका हमेशा विकास से अछूता रहा है. इस इलाके के लिए प्रतिनिधित्व के रूप में भारत आदिवासी पार्टी मजबूती से कम कर रही है. पार्टी की ओर से जनजाति क्षेत्रीय विकास (TAD) के बजट आवंटन और विभाग में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.
आदिवासियों के लिए बजट में कुछ भी नहीं- BAP
बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद ने कहा कि इस बार बजट में कुछ भी नहीं मिला है. आदिवासियों की जमीन हड़पने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि टीएडी विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. वहां कमिश्नर के फर्जी दस्तखत हो रहे हैं तो मंत्री के भी फर्जी साइन हो सकते हैं.
"सरकारी संस्थानों में हिंदू वीरता सम्मेलन क्यों?"
उन्होंने कहा कि टीएडी के छात्रावासों में हिंदू वीरता सम्मेलन चल रहे हैं. इन्हीं कामों में छात्रावासों की सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. रोत ने सवाल किया कि क्या सरकारी संस्थानों में ऐसे सम्मेलन कराना सही है?
इन मुद्दों पर भी बोले रोत
साथ ही उन्होंने कहा, "सरकार आदिवासियों की जमीन छीनने के लिए बैकडोर से नियम बना रही है. काश्तकारी अधिनियम-1995 की धारा 42–बी ज़िक्र करते हुए कहा कि कन्वर्जन कानून के नाम पर जमीन हड़पी जा रही है. कन्वर्जन के नियमों में भी ढील देकर बदलाव कर दिया गया. इसके लिए SDM और कलेक्टर को अधिकार था, लेकिन अब सरकार ने तहसीलदार को अधिकार दे दिया." बीएपी सांसद ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि पहले कन्वर्जन की जमीन तक पहुंच सड़क अनिवार्य थी, लेकिन अब उसमें भी छूट दे दी गई. पहले कन्वर्जन की मियाद 90 दिन थी, जिसे 45 दिन कर दी.
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