पार्वती नदी में दर्दनाक हादसा, महिला समेत 4 की डूबने से मौत; एक को बचाने के चक्कर में चारों नदी में समाए

गूगोर में एक शादी में शामिल होने वाले चार पार्वती नदी में डूबने से अपनी जान गंवा बैठे. हादसा एक को बचाने के चक्कर में हुआ है. एक-एक करके चारों नदी में समा गए.

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पार्वती नदी में दर्दनाक हादसा, महिला समेत 4 की डूबने से मौत

बारां जिले के छबड़ा थाना क्षेत्र के गूगोर गांव में आज पार्वती नदी में एक दर्दनाक हादसे में एक महिला और तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई. हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई. मृतकों में तीन लोग मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि एक मृतक स्थानीय निवासी था. सभी लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गूगोर आए हुए थे. पार्वती नदी में नहाने और घूमने के दौरान अचानक एक युवक गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए अन्य लोग भी नदी में उतर गए, लेकिन नदी की गहराई के कारण चारों पानी में डूब गए. देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने बचाव प्रयास शुरू किए. 

सूचना के बावजूद नहीं पहुंची पुलिस टीम

घटना की सूचना मिलने पर गूगोर निवासी और स्थानीय गोताखोर निरंजन तत्काल मौके पर पहुंचे. निरंजन ने बताया कि मृतक उनके गांव के रिश्तेदार थे. उन्हें पटवारी से हादसे की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे तुरंत नदी पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से तीन युवकों और एक महिला को नदी से बाहर निकाला. हालांकि तब तक चारों की मौत हो चुकी थी. 

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निरंजन ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि सूचना दिए जाने के बावजूद न तो छबडा नगर पालिका का कोई कार्मिक मौके पर पहुंचा और न ही पुलिस की टीम समय पर वहां पहुंची. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से ही शवों को बाहर निकालकर छबड़ा अस्पताल पहुंचाया गया. 

डीएसपी बोले- पूरे मामले की जांच कर रहे

वहीं, छबड़ा सर्कल के डीएसपी ताराचंद ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पहले एक युवक नदी में डूबने लगा था. उसे बचाने के लिए तीन अन्य लोग नदी में उतरे, लेकिन सभी गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए. परिणामस्वरूप चारों की जान चली गई. हादसे के बाद पुलिस ने शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. 

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान नदियों और जलाशयों के आसपास बरती जाने वाली सावधानी की आवश्यकता को उजागर कर दिया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है. (बारां से अरविंद अर्जुन की रिपोर्ट)

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