Rajasthan News: राजस्थान के बारां जिले में पिछले तीन दिनों से गोवंश की मौत को लेकर जारी तनाव अब पूरी तरह शांत हो गया है. सोमवार को शहर बंद के दौरान हुए लाठीचार्ज ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था, लेकिन देर रात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दखल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता के बाद प्रशासन और गौ-सेवकों के बीच सहमति बन गई है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पूरा विवाद 6 फरवरी को शुरू हुआ था, जब जिले में कुछ गोवंश मृत अवस्था में मिले थे. गौ-सेवकों का आरोप था कि गोवंश की बेकद्री की जा रही है और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही. इसी विरोध में सोमवार को बारां शहर बंद का आह्वान किया गया था. दोपहर तक बंद शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रताप चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कुछ राहगीर और बच्चे भी चोटिल हुए.
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CM के निर्देश पर कोटा से दौड़े आए IG
हालात बिगड़ते देख बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा ने तुरंत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से वार्ता की. सीएम के निर्देश पर कोटा रेंज IG राजेंद्र प्रसाद गोयल मौके पर पहुंचे. देर रात कोतवाली थाने में कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, एसपी अभिषेक अंदासु और भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार की मौजूदगी में गौ-सेवकों के साथ लंबी चर्चा हुई.
प्रशासन ने मानी ये 5 मुख्य मांगें
प्रशासन ने श्री वासुदेव गौ सेवा समिति की पांचों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है.
- मृत बछड़े और अन्य गोवंश की मौत के मामले की जांच अब एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी करेंगे ताकि निष्पक्षता बनी रहे.
- शहर के बीच स्थित नगर परिषद के डंपिंग यार्ड को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा.
- भविष्य में गोवंश के शवों का सम्मानजनक निस्तारण हो सके, इसके लिए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की व्यवस्था होगी.
- आवारा और बेसहारा गोवंश के लिए जिले में एक बड़ी और आधुनिक गौशाला विकसित की जाएगी.
- घायल गोवंश को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए विधायक राधेश्याम बैरवा ने अपने कोष से 15 लाख रुपये की एम्बुलेंस देने की घोषणा की है.
डिटेन किए गए प्रदर्शनकारी हुए रिहा
लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने 9 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. समझौते के बाद प्रशासन ने इन सभी को पाबंद कर रिहा कर दिया है. विधायक बैरवा ने स्पष्ट किया कि किसी भी गौ-सेवक के खिलाफ पुलिस केस दर्ज नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह भावना गोमाता की रक्षा से जुड़ी थी.
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धारा 163 लागू, शांति की अपील
कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने सुरक्षा के लिहाज से जिले में BNSS की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है. अब किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा. एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि कोटा रेंज का अतिरिक्त पुलिस जाब्ता अभी भी तैनात है और शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह बहाल है.
भाजपा नेताओं ने क्या कहा?
विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि प्रशासन ने सभी जायज मांगें मान ली हैं. गौ-सेवकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. वहीं, बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार ने कहा कि प्रशासन और बच्चे (प्रदर्शनकारी) दोनों हमारे हैं, गलतफहमी को बैठकर सुलझा लिया गया है.
IG ने पूरे मामले पर क्या कहा?
उधर, IG राजेंद्र प्रसाद गोयल ने कहा, 'अनुसंधान पूरी तरह निष्पक्ष होगा और घायल गोवंश के इलाज की तत्काल व्यवस्था की जा रही है.'
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