Basant Panchami 2026: 23 या 24 जनवरी? कब मनेगी बसंत पंचमी, तारीख को लेकर न हों कंफ्यूज, नोट कर लें सही तिथि और पूजा विधि

Saraswati Puja 2026: पिछले कुछ सालों से यह फरवरी के महीने में मनाई जा रही थी, लेकिन इस बार योग जनवरी में बना है. इसलिए कोई इस महीने में 23 तो कोई 24 को बसंत पंचमी बता रहा है. आइए सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Basant Panchami 2026
Chatgpt

 When is Basant Panchami: हर साल माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. जिसमें भक्त मां शारदा से विद्या का दान मांगते है. इसके अलावा इस दिन विवाह, गृह निर्माण, नए कार्य की शुरुआत या अन्य मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे भी किए जा सकते हैं. इस साल बसंत पंचमी की तिथि को लेकर बहुत असमंजस है. क्योंकि पिछले कुछ सालों से यह फरवरी के महीने में मनाई जा रही थी, लेकिन इस बार योग जनवरी में बना है. इसलिए कोई इस महीने में 23 तो कोई 24 को बसंत पंचमी बता रहा है. आइए सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं. 

कब है बसंत पंचमी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी की तिथि 23 जनवरी को देर रात 02.28 बजे प्रारंभ होगी और 24 जनवरी को रात 01.46 बजे इसका समापन होगा. सनातन धर्म में सारे त्योहार उदिया तिथि के आधार पर मनाए जाते है. इसलिए आने वाली 23 जनवरी ( शुक्रवार) को यह पर्व मानाया जाएगा. 

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषविदों के अनुसार, बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा सूर्योदय के बाद और मध्याह्न (दोपहर) से पहले करना अत्यंत फलदायी होता है. इसी कारण पूजा का सबसे शुभ समय 23 जनवरी को सुबह 07:13 AM से दोपहर 12:33 PM तक रहेगा. यानी पूजा के लिए कुल अवधि लगभग 5 घंटे 20 मिनट की रहेगी.

पूजा की सरल और सटीक विधि

पूजा के शुभ मुहूर्त के साथ साथ मां शारदा की पूजन विधि को सटीक तरीके से भी जानना जरुरी है, तो चलिए तिथि और शुभ मुहूर्त  के बाद जानते है बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजा की सरल और सटीक विधि.

Advertisement
  • पीले रंग का महत्व: बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना बंहद शुभ माना जाता है क्योंकि यह रंग ज्ञान और ऊर्जा का प्रतीक है.
  • इस दिन सबसे पहले नहां धोकर पीले रंग पहने और पूजा स्थल पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और उनके सम्मुख कलश रखें.
  • इसके बाद मां शारदा को पीले गेंदे के फूल अर्पित करें और बेसन के लड्डू या केसरिया भात (मीठे चावल) का भोग लगाएं.
  • मां सरस्वती विद्दा की देवी है तो इसके चलते छात्र अपनी पुस्तकें और कलम भी मां के चरणों में रख सकते है और सफलता का आशीर्वाद मांग सकते है.
  • इसके बाद सरस्वती वंदना कर मां की आरती का पाठ करें.

यह भी पढ़ें; Basant Panchami 2025: मां सरस्वती की पूजा का ये है शुभ मुहूर्त, इन मंत्रों से बनी रहेगी मां की कृपा

Topics mentioned in this article