बेंगलुरु अग्निकांड में जालौर का एक परिवार जलकर राख, सिलेंडर फटने से हुई 6 लोगों की दर्दनाक मौत

Bangalore Fire Accident: बेंगलुरु में एक भीषण अग्निकांड में राजस्थान के जालौर जिले के 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. आग एक गोदाम में शॉर्ट सर्किट से लगी, जो देखते ही देखते विकराल हो गई.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
बेंगलुरु में भयावह अग्निकांड, जालौर के एक ही परिवार के 4 लोग समेत 6 की मौत
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के रेगिस्तान की माटी से दूर, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीती रात हुए एक भयावह अग्निकांड ने जालौर जिले को गहरे सदमे में डाल दिया. इस दर्दनाक हादसे में जालौर के मोदरा गांव के एक ही परिवार के 4 लोगों सहित कुल 6 लोगों की मौत हो गई. आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि देखते ही देखते एक पूरा परिवार आग की भेंट चढ़ गया. यह खबर जैसे ही मोदरा गांव पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और शोक की लहर दौड़ गई. हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल था, "क्या कसूर था इन बेगुनाहों का?"

व्यापार की तलाश में गए थे

हादसे का शिकार हुए परिवार के मुखिया मदन सिंह सालों पहले बेहतर जिंदगी और व्यापार की तलाश में बेंगलुरु चले गए थे. उन्होंने वहां नगरपेट इलाके में एक गोदाम और दुकान खोली थी, जिसके ऊपर वे अपने परिवार के साथ रहते थे. रात के करीब 3 बजे का समय था, जब सभी गहरी नींद में थे. तभी उनके गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. शुरू में आग मामूली थी, लेकिन वहां रखे ज्वलनशील पदार्थों और अन्य सामानों के कारण आग तेजी से फैलने लगी. जब तक परिवार को कुछ समझ आता, तब तक आग की लपटें बेकाबू हो चुकी थीं.

Advertisement

आग की चपेट में आया गैस सिलेंडर

आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि गोदाम में रखा एक गैस सिलेंडर फट गया. धमाका इतना जोरदार था कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा. धमाके की आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की तरफ भागे. हर तरफ धुएं का गुबार और आग की लपटें थीं. स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.

राहत और बचाव कार्य में आई मुश्किलें

फायर ब्रिगेड की टीमों ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया. लेकिन आग की लपटें शांत होने के बाद जो मंजर सामने आया, वह दिल दहला देने वाला था. आग ने पूरे घर को राख में बदल दिया था. अग्निशमनकर्मियों को शवों को बाहर निकालने में भी काफी मुश्किलें आईं. अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में मदन सिंह, उनकी पत्नी, दो बच्चे और दुकान के दो स्टाफ सदस्यों की मौत हो गई है. अब तक केवल मदन सिंह का शव ही निकाला जा सका है. अन्य शवों को निकालने का काम जारी है. पुलिस ने एक और व्यक्ति की मौत की आशंका जताई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.

मोदरा गांव में पसरा मातम, हर कोई सदमे में

जैसे ही यह दर्दनाक खबर मोदरा गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया. गांव के लोग सकते में हैं और किसी को यकीन नहीं हो रहा कि उनका गांव का एक पूरा परिवार ऐसे हादसे का शिकार हो गया. मदन सिंह के पड़ोसी और रिश्तेदार इस खबर से बेहद दुखी हैं. एक ग्रामीण ने नम आंखों से बताया, "मदन सिंह बहुत ही मेहनती इंसान थे. उन्होंने बेंगलुरु में जाकर अपना कारोबार खड़ा किया था. हम सब को उन पर गर्व था. लेकिन ये क्या हो गया?"

बेंगलुरु में प्रवासी राजस्थानियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

हादसे के बाद बेंगलुरु में रहने वाले राजस्थानी प्रवासी भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया और प्रशासन से जल्द से जल्द शवों को निकालने और उनके पैतृक गांव भेजने की व्यवस्था करने की अपील की. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि आग लगने की असली वजह क्या थी. इस हादसे ने न सिर्फ बेंगलुरु, बल्कि पूरे जालौर और राजस्थान को गमगीन कर दिया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें:- दिल दहला देगा यह वीडियो: जयपुर में बेकाबू कार ने एक रिटायर्ड फौजी को 10 मीटर तक घसीटा