सावधान! भुट्टे के चमकदार दाने आपके लिए बन सकते हैं खतरा, इन 5 संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज

भुट्टे के चमकदार दाने को लेकर खुलासा किया गया है कि हर किसी को पसंद आने वाले भुट्टे के पीले सुनहरे रंग के दानों को आकर्षक और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए कई केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है . इससे बचने के लिए यहां 5 असरदार तरीके बताए गए जो इनकी सुनहरी नकली परत को उतारने में आपकी मदद करेंगे.

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Desi vs Fake Bhutta
Meta (AI)

Desi vs Fake Bhutta: मार्च का महीना शुरू होते ही गर्मी अपने पीक पर पहुंच जाती है और सूरज की चिलचिलाती धूप लोगों का जीना मुश्किल करने लगती है. ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर उम्र के लोग चिलचिलाती दोपहर में बाहर निकलने से बचते हैं. वे घर पर रहकर आरामदायक चीजें खाकर आराम करते हैं. इन्हीं आरामदायक चीजों में से एक है उनका साथी मक्का, जिसके दाने खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं और अब इसके दाने बच्चों के लिए नई-नई आकर्षक डिशेज में लाए जाते हैं, जिन्हें खाने से कोई खुद को रोक नहीं पाता.

भुट्टे के चमकदार दाने सेहत के लिए हो सकते है खतरनाक

एक रिसर्च में भुट्टे के चमकदार दाने को लेकर खुलासा किया गया है कि हर किसी को पसंद आने वाले भुट्टे के पीले सुनहरे रंग के दानों को आकर्षक और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए कई केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है .जिससे पेट दर्द, एलर्जी और कभी‑कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं झेलनी पड़ती है. इसलिए इन बिमारियों से बचना चाहते है तो इन दानों पर चढ़ी नकली सुनहरी परत को हटाने के लिए इनकी असली और नकली की पहचान करना आना चाहिए. जिसके लिए यहां 5 असरदार तरीके बताए गए जो इनकी सुनहरी नकली परत को उतारने में आपकी मदद करेंगे. जो इस प्रकार है:-

चमकदार दाने 
Photo Credit: Meta (AI)

ज्यादा चमकदार दाने घातक हो सकते है

पहला, भुट्टे के दानों का रंग और चमक देखना जरूरी है. प्राकृतिक भुट्टे के दाने हल्के पीले और मैट फिनिश वाले होते हैं. जो कम चमकदार होते है.  अगर भुट्टे के दाने असामान्य रूप से ज्यादा चमकदार और बिल्कुल एक जैसे दिखें, तो इसे लेने में सावधानी बरतें. जो संकेत देता है कि इन्हें लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए  इनमें किसी तरह के केमिकल्स या प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया गया हो.

मक्के (भुट्टे) की महक भी पहचान कराती है
Photo Credit: Meta (AI)

 पत्तों से आती है हल्की मिट्टी जैसी महक

दूसरी बात, मक्के (भुट्टे) की महक भी पहचान का एक तरीका हो सकती है. इसके पत्तों में मक्के की ताजी और हल्की मिट्टी जैसी महक होती है. लेकिन अगर इसे खरीदते समय आपको कोई तेज़ या केमिकल वाली महक महसूस हो, तो वह मक्का सुरक्षित नहीं है. कभी-कभी केमिकल से हल्की महक आती है, जो नेचुरल मक्के में नहीं होती. इसलिए, इसे खरीदने से बचना ही बेहतर है.

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पत्तियां बताती है भुट्टे की तंदुरुस्ती

तीसरा, मक्के की पत्तियां भी असली और नकली भुट्टे की पहचान करने में मदद करती हैं. असली मक्के की हरी पत्तियां थोड़ी सूखी या पीली हो सकती हैं और उनमें कुछ नेचुरल झुर्रियां हो सकती हैं. हालांकि, अगर पत्तियां पूरी तरह चमकदार दिखें, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि मक्के को लंबे समय तक स्टोर करने या आकर्षक दिखाने के लिए उस पर कोई केमिकल लगाया गया है.
दानों का टेक्सचर खोलता है असली नकली का राज

मक्के के दाने
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मक्के के दाने हल्के मुलायम

दानों का टेक्सचर भी इनके  असली नकली होने का राज खोलते है. ताजे मक्के के दाने हल्के, मुलायम और दूध वाले रस से भरे होते हैं. अगर दाने बहुत ज़्यादा सख्त या बहुत ज़्यादा सख्त हैं, तो यह पुराने मक्के या केमिकल ट्रीटमेंट का संकेत हो सकता है. ऐसा मक्का स्वाद में फीका होता है और पाचन के लिए नुकसानदायक होता है, इसलिए खरीदते समय दानों को हल्का दबाकर चेक कर लेना चाहिए.

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भरोसेमंद स्रोत से खरीदारी

 कोशिश करें कि स्थानीय किसानों या विश्वसनीय दुकानों से ही कॉर्न लें. घर लाने के बाद भुट्टे को अच्छी तरह बहते पानी से धोएं और जरूरत हो तो हल्के नमक के पानी में कुछ देर भिगो दें. इससे सतही केमिकल काफी हद तक हट सकते हैं.