अशोक गहलोत के धरने की धमकी से डरी राजस्थान सरकार! गांधी वाटिका पर लिया ये बड़ा फैसला

Rajasthan Politics: गांधी वाटिका न्यास को निरस्त करने के बाद से कांग्रेस विरोध कर रही थी और अशोक गहलोत ने धरने का ऐलान किया था.

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भजनलाल-अशोक गहलोत

Rajasthan News: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के धरने के ऐलान के बाद भजनलाल सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने गांधी वाटिका (Gandhi Vatika Museum) शुरू करने की घोषणा कर दी. गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से पर्यटन विभाग गांधी वाटिका का संचालन करेगा. मुख्यमंत्री भजनलाल ने गांधी वाटिका के बेहतर संचालन के लिए एक समिति के गठन के निर्देश भी दिए हैं. ये समिति नियमित रूप से वाटिका के संचालन के अतिरिक्त गांधीजी के मूल्यों के प्रचार-प्रसार पर सुझाव भी देगी.

जनभावना की जीत- अशोक गहलोत

भजनलाल सरकार के इस फैसले के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि यह जनभावना की जीत है. आज राज्य सरकार ने गांधी वाटिका म्यूजियम को 2 अक्टूबर से खोलने की घोषणा की है. धरने की घोषणा के बाद से ऐतिहासिक अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा था जिसके दबाव में आखिरकार सरकार को यह फैसला करना पड़ा. यह जनभावना की जीत है.

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गहलोत सरकार के समय बनी थी गांधी वाटिका

बता दें कि गहलोत सरकार के समय गांधी वाटिका म्यूजियम बनाया गया था, जिसका पिछले साल सितंबर में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उद्घाटन किया था. हालांकि, राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद गांधी वाटिका न्यास को निरस्त कर दिया गया. जिसको लेकर कांग्रेस विरोध कर रही थी. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 28 सितंबर को जयपुर के सेंट्रल पार्क में धरना देने की बात कही थी.

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28 सितंबर को गहलोत ने धरने का किया था ऐलान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहलोत ने लिखा था, "सरकार की इस हठधर्मिता के विरोध और गांधी वाटिका म्यूजियम को आम जनता के लिए शुरू करने के लिए मैं व तमाम गांधीवादी 28 सितंबर, शनिवार को सेंट्रल पार्क के गेट नंबर 5 पर स्थित गांधी वाटिका म्यूजियम पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धरना देंगे.

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