BAP को बड़ा झटका, पार्टी के संयोजक संरक्षक ने ही छोड़ा साथ, 10 से ज्यादा नेता कांग्रेस में शामिल

भारत आदिवासी पार्टी के संयोजक संरक्षक रह चुके प्रो. मणिलाल गरासिया ने भी बीएपी का साथ छोड़ दिया है. उन्हें बीएपी के अहम नेताओं में गिना जाता था.

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राजस्थान की तीसरी बड़ी पार्टी 'भारत आदिवासी पार्टी' (BAP) के नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली. आज (15 फरवरी) को पार्टी के कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा. पार्टी के लिए झटका इस मायने में है क्योंकि भारत आदिवासी पार्टी के संयोजक संरक्षक भी रह चुके प्रो. मणिलाल गरासिया ने भी बीएपी का साथ छोड़ दिया है. प्रो. गरासिया बांसवाड़ा की राजनीति में काफी सक्रिय रहने के साथ ही भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के भी संयोजक संरक्षक रह चुके हैं. साथ ही गढ़ी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं. उन्होंने अपनी जिला टीम के साथ कांग्रेस की सदस्यता ली. प्रो. गरासिया वर्तमान में शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं.

प्रो. गरासिया ने बताया- क्यों छोड़ी पार्टी 

उन्होंने बताया कि आदिवासी क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी की नफरत और जातिवादी राजनीति से त्रस्त होकर पार्टी छोड़ी है. बीएपी के पूर्व नेता का आरोप है कि पार्टी की दिशाहीनता और कुछ नेताओं के स्वार्थ के कारण क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हुआ है. अब वे राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के साथ जुड़कर भील युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने और जातिवादी राजनीति को समाप्त करने के लिए काम करेंगे.

इन नेताओं ने भी छोड़ा साथ

उनके साथ बीटीपी जिलाध्यक्ष दिलीप पणदा, गढ़ी ब्लॉक अध्यक्ष नारायण बामणिया, तलवाड़ा अध्यक्ष शंकर मईडा, सनी भाई डेंडोर ब्लॉक अध्यक्ष तलवाड़ा ट्राइबल मजदूर संघ, हेनरी पटेल, नितेश कतिजा, मनीष मईडा, पवन बुझ, दिनेश डाबी और गोविंद यादव समेत कई पदाधिकारियों ने भी भारत आदिवासी पार्टी छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली.

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