Rajasthan News: राजस्थान की हाई-प्रोफाइल सेवर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में है. कुख्यात संजय बिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हिस्ट्रीशीटर कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की शनिवार तड़के मौत हो गई. खास बात यह है कि इसी हत्याकांड के एक अन्य दोषी की भी करीब दो महीने पहले जेल में ही मौत हो गई थी, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.
'जेल में नहीं मिला इलाज': पत्नी का छलका दर्द
मृतक की पत्नी कृतिका सिंह ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. कृतिका का कहना है कि उनके पति को अस्थमा, ब्लड प्रेशर और हाई शुगर (400 के पार) की समस्या थी. कृष्ण कुमार ने फोन पर अपनी बेटी को बताया था कि जेल में उन्हें सही दवाएं नहीं मिल रही हैं और बार-बार कहने के बावजूद उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया.
अस्पताल लाने पर विवाद: 'जिंदा लाए या मृत?'
जेल अधीक्षक परमजीत सिंह के अनुसार, तड़के करीब 3 बजे कृष्ण कुमार की सांस लेने में तकलीफ बढ़ी, जिसके बाद उन्हें आरबीएम अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हालांकि, परिजनों का दावा है कि पुलिस झूठ बोल रही है. परिजनों का आरोप है कि उन्हें मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था. फिलहाल, शव को मोर्चरी में रखवाया गया है और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा.
क्या था संजय बिहारी हत्याकांड?
कृष्ण कुमार उर्फ बेबी एक पुराना हिस्ट्रीशीटर था. 28 जनवरी 2023 को उसने संजय बिहारी को अपने घर बुलाकर गोली मार दी थी. इस मामले में न्यायालय ने सितंबर 2025 में कृष्ण कुमार, नरेश गुप्ता और बिट्टू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इनमें से नरेश गुप्ता की मौत दो महीने पहले ही हो चुकी है और अब कृष्ण कुमार की मौत ने मामले को और गर्मा दिया है.
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