Rajasthan: 3 महीने पहले प‍िता ने क‍िया था कन्‍यादान, उसी ज‍िंदा बेटी की कर दी तेरहवीं; जानें पूरा मामला

Rajasthan News: बेटी ने लव-मैरिज के बाद बेटी पुलिस के सामने पेश हो गई और उसने पिता- परिजनों से जान को खतरा भी बताया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Bhilwara love marriage case: भीलवाड़ा में बेटी की लव-मैरिज से नाराज पिता ने शोक संदेश छपवा दिया. यही नहीं, पिता ने बेटी के नाम से शोक पत्रिका छपवाकर घर पर 12 दिन की शौक बैठक रखी है. आज (10 अगस्त) जिंदा बेटी के तर्पण की तैयारी चल रही है. करीब 3 महीने पहले जिस बेटी की पिता ने धूमधाम से शादी की थी, लेकिन लड़की ने उसके देवर से ही शादी कर ली. इसके बाद पिता अंतिम क्रिया की तैयारी कर रहे है. मामला भीलवाड़ा के आसींद क्षेत्र के ब्राह्मणों की सरेड़ी गांव का है, भेरुलाल जोशी बेटी के लव-मैरिज करने से आहत हैं. शादीशुदा बेटी के लापता होने के बाद बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों के साथ उसकी तलाश कर रहे है. इसी बीच, गांव में बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में किसी व्यक्ति की मौत के बाद निभाई जाने वाली सभी अंतिम संस्कार की क्रिया को भी निभाया जा रहा है.

बेटी ने पिता से बताया जान को खतरा

वहीं, बेटी पुलिस के सामने पेश हो गई और उसने पिता- परिजनों से जान को खतरा भी बताया. तब पिता को बेटी के लव मैरिज करने की जानकारी मिली. जब पिता को पता लगा कि उनकी बेटी ने पुलिस को उनसे ही जान का खतरा बताया है तो इतना आहत हुए पिता सार्वजनिक तौर पर समाज के सामने आकर जिंदा बेटी को मृत बता दिया.

Advertisement

पिता बोले- हम आहत, समाज को संदेश देना चाहते हैं

बेटी की सामाजिक परंपराओं को तोड़ने से नाराज पिता ने बेटी के मौत की शोक पत्रिका भी छाप दी. वही, बेटी के बड़े पिता चांदमल का कहना है कि इस घटना से हम सब आहत है. जिस बेटी की हमने धूमधाम से शादी की, उसने देवर से प्रेम विवाह कर लिया. हम समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि जैसा हमारे साथ वह शर्मनाक वैसा किसी के साथ नहीं हो.

"अब वह मेरी बेटी नहीं", भावुक होकर बोले पिता

भावुक पिता भैरूलाल ने कहा, "मेरी एक ही बेटी थी, लेकिन उसने हमारे संस्कार और परंपराओं को छोड़कर अपने मन से शादी कर ली. अब वह मेरी बेटी नहीं है, वह मेरे लिए मर चुकी है. बेटी ने अपने परिवार और ससुराल वालों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जिससे वे समाज में शर्मिंदा हैं."

यह भी पढ़ेंः चीन-रूस और नॉर्थ कोरिया की तरह ही भारत में भी चुनाव करवाने की कोशिश? गहलोत का EC से सवाल

Topics mentioned in this article