Gothra Dam: बूंदी में गोठड़ा बांध की दीवारों में आईं बड़ी-बड़ी दरारें, ग्रामीणों को बांध टूटने का डर

बूंदी जिले के गोठड़ा बांध की फेसवाल में फिर से दरारें आ गई हैं. फेसवाल झुक जाने के चलते बांध में टूटने का खतरा भी मंडरा रहा है. इसको लेकर ग्रामीण दहशत में हैं.

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गोठड़ा बांध की दीवारों में आईं दरारें
NDTV Reporter

Rajasthan News: बूंदी जिले के गोठड़ा बांध की फेसवाल बारिश के कारण फिर से जर्जर होने लगी है. जिसके चलते ग्रामीणों को बांध टूटने का डर सताने लगा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बांध की वापस से मरम्मत करने की मांग की है. पिछले वर्ष बांध का एक हिस्सा बह जाने के चलते राज्य सरकार ने 10 करोड रुपए की लागत से बांध की दीवार की मरम्मत करवाई थी. इस दीवार पर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

एक साइड से पूरी झुक गई दीवार

दीवार पर जगह-जगह से दरारें आ गई है, बांध में लगातार बारिश होने के चलते पानी की आवक बढ़ती जा रही है. पानी आने के साथ ही दीवार एक साइड से पूरी झुक गई है. बांध के दीवार पर आई दरारों के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने दरार वाली जगहों का मरम्मत करवाना शुरू कर दिया है. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बांध के टूटने जैसी कोई बात नहीं है. निर्माण कार्य करने के दौरान दरारें आना छोटी-मोटी बात है. इस बांध पर तीन लहर की दीवारें बनी हुई है जो बांध को मजबूत बने हुए हैं.

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जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2023 में बांध का करीब 150 फीट का हिस्सा पानी के साथ बह गया था, जिसके चलते ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था. बरसात में हुई इस घटना के बाद मौके पर जिलाधिकारी पहुंचे थे और मामले की जानकारी ली गई. राज्य सरकार ने तीन माह बाद 10 करोड रुपए की लागत से बूंदी का गोटड़ा बांध में दीवार बनाई गई. जैसे ही बारिश का दौर शुरू हुआ तो 18 फीट भराव क्षमता वाले इस बांध में पानी की आवक तेज गति से शुरू हो गई और कुछ दिनों की बरसात में ही 16 फीट पानी इस बांध में आ गया. दीवार पर तकनीकी खामी के चलते जगह-जगह दरारें आ गई.

दीवार में दरार से दहशत में ग्रामीण

बारिश में बांध की फेसवाल पानी की ओर झुक गई है. ग्रामीण उम्मेद जैन ने बताया कि बांध में बनाई गई नई फेस वालों में घटिया निर्माण का काम हुआ है, जिसके चलते पहले ही बरसात में फेसवॉल में दरारें आ गई है. पानी और मिट्टी खिसकने लगी है. फेसवाल झुक जाने के चलते बांध में टूटने का खतरा भी मंडरा रहा है. इसको लेकर ग्रामीण दहशत में हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि इस घटिया निर्माण का जिला कलेक्टर की देखरेख में जांच कमेटी बनाकर जांच होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए, ताकि इस प्रकार के बड़े निर्माण कार्यों में कोई घटिया निर्माण नहीं कर सके. 

अधिकारी बोले- दीवार मजबूत

एनडीटीवी से बातचीत में जन संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके पाटनी ने बताया कि जो खबरें सामने आ रही हैं कि बांध की, दीवार टूटेगी, वह खबरें निराधार हैं. बांध पर पूर्व में स्टेट समय की दीवार बनी हुई है, इसके अलावा इस बार हमने नई दीवार बनाई है. बांध पर तीन लेयर की दीवार बनी हुई है, बांध टूटने की तो बात दूर-दूर तक सही नहीं है. निर्माण कार्य में लापरवाही की जांच करवाई जा रही है. मौके पर जाकर देखा है, छोटी-मोटी दरारें आई हैं, जिन्हें सही करवा लिया जाएगा. अधीक्षण अभियंता आरके पाटनी ने बताया कि पिछले साल मार्च में विभाग जब बांध की दीवार की मरम्मत करने में लगा था, तब करीब 150 फीट फेसवाल भरभरा कर गिर गयी थी.

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