Rajasthan: राजस्थान के बिजयनगर में सामने आए बहुचर्चित रेप और ब्लैकमेल कांड में पुलिस अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से 11 आरोपी जेल में हैं. जबकि, 5 नाबालिग बाल संप्रेषण गृह में भेजे गए हैं. मामले का मुख्य आरोपी दीपक चौधरी अभी भी फरार है, पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है.
कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
दीपक चौधरी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे बुधवार को पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने खारिज कर दिया. विशिष्ट लोक अभियोजक रूपेंद्र परिहार ने बताया कि आरोपी ने अपने कैफे में 200 रुपए में जगह उपलब्ध करवा कर छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने में मदद की थी. अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार किया.
8 के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया
पुलिस ने जांच पूरा करके 8 आरोपी अरफाज, रेहान, अमन, जावेद, लुकमान, सोहेल, मंसूरी और आशिक उर्फ करीम के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया है. विशिष्ट लोक अभियोजक रूपेंद्र परिहार ने बताया कि 5 नाबालिग के खिलाफ जेजे कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा, जिसकी कोर्ट ने चेक रिपोर्ट करने के लिए 30 अप्रैल तारीख नियत की है. पूर्व पार्षद हकीम चित भी न्यायिक हिरासत में हैं.
छात्रा ने 15 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी
यह मामला तब उजागर हुआ जब एक नाबालिग छात्रा ने 15 फरवरी को बिजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. बाद में और भी लड़कियों और उनके परिवारों ने सामने आकर एफआईआर दर्ज कराई. आरोपियों पर नाबालिग छात्राओं से रेप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के आरोप हैं.
वकीलों ने पैरवी करने से किया इनकार
घटना से पूरे जिले में आक्रोश फैल गया. वकीलों ने भी नाराजगी जताई और मौखिक रूप से घोषणा की कि वे आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे. हालांकि, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक रावत ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई लिखित निर्देश जारी नहीं हुआ है. फिलहाल एसआईटी टीम आईपीएस अभिषेक अंदासु की निगरानी में मामले की जांच कर रही है.
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