Bikaner News: पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का मुद्दा अब गरमाता जा रहा है. पर्यावरण बचाने की यह मुहिम अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है. इसी के तहत, खेजड़ी बचाने (Khejri) के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर पर्यावरण प्रेमियों के आह्वान पर सोमवार से बीकानेर में 'खेजड़ी बचाओ महापड़ाव' शुरू हुआ. यह कल यानी सोमवार से शुरू हुआ था, आज इसका दूसरा दिन है. खेजड़ी बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमी सुबह से ही महापड़ाव स्थल बिश्नोई धर्मशाला के बाहर जमा होने लगे है. जिसमें हजारों की संख्या हजारों में खेजड़ी को बचाने जुटे है.
500 से ज्यादा लोगों ने शुरू किया अनशन
मंगलवार सुबह गुरु जम्भेश्वर की विधिवत पूजा के बाद 500 से ज्यादा ने अनशन शुरू किया. इसमें 29 साधु, 29 महिलाएं और 442 पुरुष शामिल है. बड़ी संख्या में आए साधु-संतों का साथ देने के लिए पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी महापड़ाव में
सख्त कानून की कर रहे है मांग
इस आंदोलन को लेकर प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खेजड़ी के पेड़ों की कटाई तुरंत रोकी जाए. इसके साथ ही राज्य में इसकी सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए. चूंकि महापड़ाव स्थल जिला कलेक्ट्रेट के बहुत पास है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर पल की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है.
हरियाणा और पंजाब से भी आएंगे लोग
बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में खेजड़ी बचाओं के लिए आयोजित महापड़ाव में प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्य जैसे हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों से पर्यावरण प्रेमी शामिल हो रहे है. इसके अलावा कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी इस महापड़ाव को समर्थन मिल रहा है.
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