Rajasthan: बिश्नोई मंदिर विवाद बना गंभीर! दान की जमीन हड़पने के आरोप पर तहसीलदार बनीं प्रशासक, 5 दिन बाद खुला गेट

Rajasthan News: श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में बिश्नोई मंदिर की दान दी गई भूमि को लेकर दो गुटों के बीच बढ़ते तनाव और आरोप-प्रत्यारोप को देखते हुए, प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए तहसीलदार हर्षिता मिड्डा को मंदिर का प्रशासक नियुक्त कर दिया है.

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Bishnoi Temple Dispute
NDTV

 Bishnoi Temple Dispute: श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में बिश्नोई मंदिर के अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद अब प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद और अधिक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. मंदिर की दान दी गई भूमि को लेकर दो गुटों के बीच बढ़ते तनाव और आरोप-प्रत्यारोप को देखते हुए, प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए तहसीलदार हर्षिता मिड्डा को मंदिर का प्रशासक नियुक्त कर दिया है.

क्या है विवाद की जड़

 मंदिर विवाद की जड़ मंदिर को दान दी गई भूमि और अवैध निर्वाचन को लेकर है. धरने पर बैठे हनुमान चाहर गुट का आरोप है कि मंदिर के वर्तमान अध्यक्ष बबलू कालीराणा ने मंदिर की दान की गई जमीन को गलत तरीके से बेच दिया और मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास किया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बबलू कालीराणा ने पद का दुरुपयोग करते हुए एक बार फिर से खुद को अध्यक्ष निर्वाचित कर लिया, जिसका हनुमान चाहर गुट विरोध कर रहा है.

 बाबूलाल कालीराणा ने आरोपों को किया खारिज

हनुमान चाहर गुट ने इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना दे रखा था, जिसके बाद उनके समर्थकों ने हनुमान चाहर को अध्यक्ष भी घोषित कर दिया. वहीं, दूसरे पक्ष यानी बबलू कालीराणा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है और हर कार्रवाई को मंदिर की नियमावली और परंपराओं के अनुरूप किए जाने का दावा किया है.

ताला तोड़कर कार्यभार संभालने का दिया था अल्टीमेटम

 विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य गेट पर ताला लगाकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी थी. इस पर हनुमान चाहर गुट ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था कि यदि विवाद का हल नहीं निकला, तो वे मंदिर कार्यालय का ताला तोड़कर कार्यभार ग्रहण कर लेंगे.

प्रशासक की नियुक्ति 

तनाव को देखते हुए, प्रशासन ने तहसीलदार हर्षिता मिड्डा को प्रशासक नियुक्त कर दिया. साथ ही चार दिन से बंद मंदिर के दरवाजे को 5वें दिन उपखंड अधिकारी सुभाष चौधरी और प्रशासक हर्षिता मिड्डा की मौजूदगी में अमावस्या के दिन फिर से खोल दिया. 

छावनी में तब्दील हुआ इलाका

 सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर और समेजा कोठी थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया है. पूरा इलाका अस्थायी तौर पर छावनी में तब्दील हो गया है. प्रशासन ने दोनों पक्षों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी और मंदिर की संपत्ति तथा धार्मिक वातावरण को किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा. 

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