Rajasthan News: भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने रविवार को कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला. भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए तिवाड़ी ने वोट चोरी पर न केवल राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि कांग्रेस के इतिहास और वर्तमान विचारधारा पर भी गंभीर सवाल उठाए.
'वोट चोरी' नेहरू के समय हुई थी
गुजरात में SIR के जरिए वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए तिवारी ने कहा कि भारत के इतिहास में वोट चोरी एक बार 1952 में हुई थी, जब मौलाना अबुल कलाम आज़ाद चुनाव हार गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दबाव में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर वोटों में धांधली की थी. इसके बाद कांग्रेस के राज में कई बार ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन अब देश में EVM सिस्टम है, जिससे ऐसी आशंकाएं पैदा नहीं होतीं। कांग्रेस को अपना अतीत याद रखना चाहिए.
'कांग्रेस अब मुस्लिम माओवादी पार्टी बन चुकी है'
तिवाड़ी ने डिस्टर्ब एरिया कानून (Disturbed Area Act) को लेकर कांग्रेस द्वारा की जा रही घेराबंदी पर पलटवार करते हुए बेहद कड़ा शब्द इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, "कांग्रेस अब 'मुस्लिम माओवादी कांग्रेस पार्टी' (MMC) बन गई है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए नहीं, बल्कि दंगों को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाया गया है, लेकिन कांग्रेस इसे गलत तरीके से पेश कर रही है.
पीएम मोदी में 'कृष्ण के गुण'
इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन पर चर्चा करते हुए उसे भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों वाला बताया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने एक कुशल राजनेता के तीन अनिवार्य गुण बताए हैं- लोक संग्रह, लोक निरीक्षण और लोक प्रशिक्षण. प्रधानमंत्री मोदी 'मन की बात' के माध्यम से इन तीनों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं.उन्होंने मलेशिया की सांस्कृतिक धरोहर और तमसा नदी के पुनर्जीवन का उदाहरण देकर देश को जोड़ने का काम किया है.
भाजपा कार्यालय में 'मन की बात'
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 130वें एपिसोड के प्रसारण को सामूहिक रूप से सुना गया. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी समेत पार्टी के कई दिग्गज पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता एक साथ मौजूद रहे.