डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव की सरगर्मियों के बीच बड़ी खबर सामने आई है. मतदान से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने नगर परिषद में अपना खाता खोल लिया है. मंगलवार देर रात तक चली स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) में वार्ड 23 से कांग्रेस प्रत्याशी का आवेदन रद्द होने के बाद भाजपा प्रत्याशी की निर्विरोध जीत लगभग तय हो गई है.
196 नामांकन पत्रों की जांच पूरी
डूंगरपुर रिटर्निंग अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परिषद के सभी 40 वार्डों में दाखिल कुल 196 नामांकन पत्रों की जांच पूरी की गई. जांच के दौरान वार्ड-23 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा पर आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण उनका नामांकन खारिज कर दिया गया. कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा रद्द होने के बाद वार्ड-23 से केवल भाजपा उम्मीदवार मनन कलासुआ ही इकलौते प्रत्याशी बचे हैं.
मनन कलासुआ भाजपा के पूर्व एवं निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे हैं. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इनकी जीत की आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन इस घटनाक्रम के साथ ही भाजपा ने चुनाव से पहले ही अपनी पहली सीट सुनिश्चित कर ली है.
88 पर्चे खारिज, 103 प्रत्याशियों के आवेदन वैध
नामांकन पत्रों की गहन जांच के बाद कुल 88 आवेदन खारिज किए गए, जिनमें अधिकांश भाजपा और कांग्रेस से आधिकारिक सिंबल (फार्म-बी) नहीं मिलने वाले डमी प्रत्याशी शामिल थे. अब कुल 103 उम्मीदवारों के 108 आवेदन पत्र वैध पाए गए हैं. इनमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या, अनिल पटेल, रेखा श्रीमाल और भोपाल सिंह द्वारा भरे गए दोहरे (डबल) नामांकन भी शामिल हैं.
उम्मीदवार
भाजपा- 40 उम्मीदवार
कांग्रेस- 39 उम्मीदवार
भारत आदिवासी पार्टी- 12 उम्मीदवार
निर्दलीय- 12 उम्मीदवार
बागियों और निर्दलियों को मनाने का दौर शुरू
नामांकन वैध घोषित होने के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने अपने बागियों को संभालने की चुनौती आ खड़ी हुई है. नगर परिषद के कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार प्रमुख दलों का समीकरण बिगाड़ रहे हैं. विशेष रूप से वार्ड-31 में भाजपा के बागी उम्मीदवार सुनील जैन ने निर्दलीय के रूप में ताल ठोक दी है. भाजपा द्वारा पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन को टिकट दिए जाने से नाराज सुनील ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया था, जो जांच में वैध पाया गया है. ऐसे कई अन्य वार्डों में भी बागी डटे हुए हैं, जिन्हें मनाने के लिए वरिष्ठ नेता लगातार संपर्क साध रहे हैं. नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद ही चुनाव की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी.
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