"विधानसभा में कैमरे की बात तो गहलोत को पता है, इसमें नया क्या है", कांग्रेस के आरोपों पर मदन राठौड़ का जवाब

Rajasthan Politics: मदन राठौड़ ने विधानसभा में कैमरे के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से विधानसभा स्पीकर पर आरोप लगाए गए, ये पूरी तरह से गलत है.

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मदन राठौड़ ने डूंगरपुर जिले में पत्रकारों से बातचीत की.

Rajasthan BJP President Madan Rathore: बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ आज (18 सितंबर) को डूंगरपुर जिले में दौरे पर रहे. सर्किट हाउस में भाजपा पदाधिकारियों ओर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे पार्टी कार्यालय पहुंचे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर चर्चा की. मदन राठौड़ ने बांसवाड़ा में परमाणु बिजलीघर का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इसके कई फायदे हैं. सबसे बड़ा फायदा पूरे क्षेत्र में बिजली की समस्याएं खत्म हो जाएगी. उद्योग, किसान और व्यापार सभी के लिए बिजली मिलेगी. इससे कई लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा. उन्होंने कहा कि जमीन की कीमत से 4 गुना ज्यादा पैसा मिल रहा है. विरोध करने वाले लोग सिर्फ भोले-भाले लोगों को गुमराह कर अपनी राजनीति कर रहे हैं. साथ ही जीएसटी रिफॉर्म पर कहा कि खाने-पीने की चीजों पर टैक्स फ्री या कम कर दिया गया है.

स्पीकर पर लगाए गए आरोप गलत- राठौड़

विधानसभा में कैमरे के मामले पर चल रहे विरोध पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ये कैमरे नई विधानसभा बनी, तब से लगे हुए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी ये बात पता है, इसमें नई बात क्या है? लेकिन जिस तरह से विधानसभा स्पीकर पर आरोप लगाए गए, ये पूरी तरह से गलत है. स्पीकर विधानसभा का मुखिया होता है और उसके पास सुरक्षा को लेकर स्वयं अधिकार है.

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धर्मांतरण कानून पर भी दिया बयान

उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर कहा कि सरकार ने पहली बार इसे कानून बनाया है. अब कोई भी व्यक्ति लालच देकर, दबाव बनाकर, ब्लैकमेलिंग या शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर नाटक करके धर्म परिवर्तन करवाता है तो कार्रवाई होगी. यह पूरी पूरी तरह से अनैतिक होगा और उसे आर्थिक और कानूनी दंड भी मिलेगा.

प्रदेश अध्यक्ष बोले- मानगढ़ का इतिहास नहीं हटाया गया 

राजस्थान पाठ्यपुस्तकों से मानगढ़ धाम का पाठ हटाने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाली बात है. मानगढ़ धाम का पाठ चौथी कक्षा की किताब में था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर 5वीं कक्षा की किताब में लिया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि कालीबाई के इतिहास की हटाने की भी झूठी अफवाहें उड़ाई जा रही है. जबकि काली बाई के इतिहास और पाठ को अब 7वीं कक्षा में जोड़ा गया है, ताकि बच्चा उसे अच्छी तरह से समझ सके.

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