प्रधानमंत्री के प्रस्तावित रिफाइनरी दौरे को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे प्रदेश के लिए गेम चेंजर बताया है. उन्होंने कहा कि यह दौरा राजस्थान के विकास के लिए अहम साबित होगा. राठौड़ ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट को लेकर कहा कि इसकी शुरुआत वर्ष 2007-08 में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की थी, लेकिन बाद में आई अशोक गहलोत सरकार ने गलत एग्रीमेंट किया. उनके मुताबिक, उस समय हुए एमओयू में करीब 37,036 करोड़ रुपये क्रूड निकालने वाली कंपनी को 15 साल तक देने की शर्त रखी गई, जिससे राज्य को नुकसान हो रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान सोनिया गांधी को बुलाकर शिलान्यास कराया गया, लेकिन कोई वित्तीय सहयोग नहीं दिया गया.
"करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत"
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि बाद में वसुंधरा राजे सरकार ने समझौते में संशोधन किया, और राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाकर 12.9% कर दी गई, इससे राजस्थान को फायदा हुआ और अब नए सिरे से करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से करीब 90 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, और अब राज्य को सिर्फ 16,845 करोड़ रुपये ही देने होंगे.
"बालोतरा का पानी रिफाइन कर पूरी की जाएगी"
राठौड़ ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2018 के बाद सरकार बनने पर भी इस परियोजना पर कोई काम नहीं हुआ, और सरकार निष्क्रिय रही. उन्होंने यह भी बताया कि रिफाइनरी के लिए पानी की जरूरत बालोतरा का पानी रिफाइन कर पूरी की जाएगी.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान के दौरे को लेकर भी उन्होंने स्वागत किया. ईरान युद्ध सीजफायर में राठौड़ ने कहा कि सीजफायर की मध्यस्थता के मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख नकल जैसा है, और उसमें समझ की कमी दिखती है. उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को भी राष्ट्रीय हित में खड़ा होना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा नारी शक्ति को सम्मानजनक स्थिति देना है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि सभी सदनों में महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाया जाए.
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