Jalore News: प्रदेशभर में 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं. प्रशासन और शिक्षा बोर्ड तैयारियों में जुटा है, लेकिन जालोर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोमता में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. यहां शिक्षकों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है.
विद्यालय में वर्तमान में 260 विद्यार्थियों का जिम्मा केवल 6 शिक्षकों के हवाले है. इनमें 1 व्याख्याता, 1 सेकंड ग्रेड शिक्षक, 1 थर्ड ग्रेड शिक्षक और 3 पंचायत सहायक शिक्षक शामिल हैं. जबकि विभागीय मानकों के अनुसार इस विद्यालय में कम से कम 18 से 20 शिक्षक होने चाहिए. इसके अलावा विद्यालय का प्रधानाचार्य पद भी लंबे समय से रिक्त पड़ा है.
क्या कहते हैं विद्यार्थी ?
अधूरे सिलेबस के कारण छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है. विद्यार्थियों का कहना है कि कई विषयों का पूरा पाठ्यक्रम अब तक पढ़ाया ही नहीं गया है, जिससे बोर्ड परीक्षा देना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है. एक छात्रा ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण समय पर पढ़ाई नहीं हो पा रही और परीक्षा नजदीक होने के बावजूद कई विषयों के पन्ने तक नहीं खुले हैं.
विद्यालय भवन की स्थिति भी बेहद जर्जर
वहीं विद्यालय भवन की स्थिति भी बेहद जर्जर है. कई कक्षाओं में दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और फर्श पर मिट्टी व धूल फैली रहती है, जिससे बच्चों को डर के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है. छात्रों और अभिभावकों ने राज्य सरकार व शिक्षा विभाग से तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति और भवन की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि शिक्षा सुधार के सरकारी वादे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं.
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