Rajasthan News: राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाने में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 100 से अधिक लोगों की उग्र भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया. उपद्रवियों ने थानाधिकारी (SHO) सहित कई पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला किया और पथराव करते हुए थाने में जमकर तोड़फोड़ की. हमले के बाद थाने के अंदर फर्श पर खून के छींटे और शीशे के टुकड़े बिखरे नजर आए.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना की शुरुआत रात करीब 11 बजे हुई, जब दो युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर स्टंट कर रहे थे और तेज आवाज वाले पटाखे फोड़ रहे थे. सड़क पर हो रही इस हुड़दंगबाजी से परेशान होकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने की बाइक जब्त
शिकायत मिलने के बाद गोविंदगढ़ थाने से एएसआई (ASI) मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को ऐसा करने से मना किया. लेकिन, वे पुलिस के साथ ही उलझ गए और पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी. इसके बाद पुलिस ने बुलेट बाइक को जब्त कर लिया और दोनों युवकों के साथ थाने ले आई.
पहले थाने पर किया पथराव
इसके कुछ ही देर बाद दोनों युवकों और उनकी बाइकों को छुड़ाने के लिए उनके समर्थक थाने पहुंच गए. पहले भीड़ ASI से उन्हें छोड़ने के लिए कहती रही. लेकिन जब पुलिस ने साफ इनकार कर दिया तो उन्होंने बैरक से उन्हें खुद ले जाने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके उन्हें बाहर खदेड़ा. लेकिन भीड़ ने पास में बन रही एक बिल्डिंग से ईंट उठाकर थाने पर पथराव कर दिया. इस हमले में पुलिस की गाड़ियों के शीशे तोड़ टूट गए.
SHO के चेहरे पर आए 8 टांके
इस हिंसक झड़प में थानाधिकारी धर्म सिंह के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे पर 8 टांके लगाए गए. हमले के बाद पूरे थाने में खून और हर तरफ तबाही के निशान साफ देखे जा सकते थे.
20 लोगों को पुलिस ने पकड़ा
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि करीब 20 आरोपियों को डिटेन किया है, जिन पर राजकार्यों में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.