बूंदी में खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर की कार ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी. एक्सीडेंट के बाद ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-52 जाम कर दिया. सड़क हादसे के बाद बवाल किया गया और शव रखकर प्रदर्शन किया. सूचना मिलने पर हिंडोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश की. घटना के वक्त गाड़ी में झालावाड़ जिले के खानपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर भी सवार थे. हालात बिगड़ता देख पुलिस ने विधायक सुरेश गुर्जर को भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाने पर पहुंचाया. घटना में विधायक सुरेश गुर्जर को कोई चोट नहीं लगी है, लेकिन उनकी ब्लैक स्कॉर्पियो कार आगे से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है.
यातायात ठप, वाहन चालक रहे परेशान
हादसा हिण्डोली थाना क्षेत्र में पेंच की बावड़ी के पास और बासनी गणेशजी के सामने हुआ. टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार बाबू सिंह मीणा मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए. युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने शव को हाईवे-52 पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. कई घंटे तक वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को मुआवजा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं. हादसे के बाद क्षेत्र में हंगामेदार माहौल बना हुआ है, वहीं प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने जरूरी हैं.
पूर्व सरपंच था मृतक
बताया जा रहा है कि हादसे में मृतक बाबू मोहन मीणा उमरगांव का पूर्व सरपंच था. जैसे ही उसकी मौत की खबर क्षेत्र में फैली, परिजन और समर्थकों की बड़ी संख्या मौके पर पहुंच गई. देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. आक्रोशित लोगों ने घटना को लेकर हंगामा शुरू कर दिया.
विधायक ने भी किया समझाइश का प्रयास
इस दौरान खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने भी मौके पर मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और विरोध जारी रखा. अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा.
यह भी पढ़ेंः "भजनलाल सरकार vs कांग्रेस सरकार पर बहस से सदन का समय होगा खराब", रफीक खान बोले- हम सार्थक चर्चा के लिए तैयार